University of Sheffield Scholarship: शेफील्ड यूनिवर्सिटी का बड़ा ऐलान, भारतीय छात्रों को मिलेगी 9 लाख की स्कॉलरशिप
ब्रिटेन में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए बड़ा अपडेट है. शेफील्ड यूनिवर्सिटी ने सितंबर 2027 में शुरू होने वाले पोस्टग्रेजुएट कोर्स के लिए इंटरनेशनल पोस्टग्रेजुएट स्कॉलरशिप की घोषणा की है. इस स्कॉलरशिप के तहत योग्य छात्रों को ट्यूशन फीस में 7,000 पाउंड यानी करीब 9 लाख रुपये की छूट मिलेगी. खास बात यह है कि छात्रों को इसके लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा. यूनिवर्सिटी में एडमिशन के दौरान एलिजिबल पाए जाने वाले छात्रों को स्कॉलरशिप अपने आप मिल जाएगी. हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करना अनिवार्य है.
7,000 पाउंड तक की मिलेगी फीस में छूट
शेफील्ड यूनिवर्सिटी की यह स्कॉलरशिप सितंबर 2027 से शुरू होने वाले फुलटाइम पोस्टग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेने वाले योग्य इंटरनेशनल छात्रों के लिए है. भारतीय छात्रों को भी इसका लाभ मिल सकता है. स्कॉलरशिप के तहत ट्यूशन फीस में 7,000 पाउंड की कटौती की जाएगी, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत करीब 9 लाख रुपये हो सकती है.
इस स्कॉलरशिप की खास बात यह है कि छात्रों को अलग से कोई आवेदन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी. यदि छात्र यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए आवेदन करता है और स्कॉलरशिप की एलिजिबिलिटी पूरी करता है तो उसे यह लाभ स्वत: दिया जाएगा. एडमिशन ऑफर मिलने के बाद उसे 6 जुलाई 2027 तक अपना ऑफर स्वीकार करना होगा.
किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
स्कॉलरशिप के लिए भारत के अलावा इंडोनेशिया, जापान, केन्या, नाइजीरिया, दक्षिण कोरिया, ताइवान, थाईलैंड, तुर्की और वियतनाम के छात्र भी एलिजिबिल हो सकते हैं. आवेदक को इनमें से किसी देश या क्षेत्र का स्थायी निवासी होना चाहिए या पिछले तीन वर्षों से वहां रह रहा होना जरूरी है.
इसके अलावा छात्र को अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाना होगा और यूनिवर्सिटी की फीस कैटेगरी में उसे ओवरसीज स्टूडेंट माना जाना चाहिए. छात्र को शेफील्ड यूनिवर्सिटी के फुलटाइम पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में एडमिशन लेकर कोर्स पूरा करना होगा.
इन कोर्स में नहीं मिलेगी स्कॉलरशिप
हर पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम इस स्कॉलरशिप के दायरे में नहीं आता. पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा और सर्टिफिकेट, ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग कोर्स, क्रॉसवेज और Erasmus Mundus प्रोग्राम के छात्र इसके लिए एलिजिबल नहीं होंगे. ऐसे कोर्स भी इसमें शामिल नहीं हैं, जिनमें अतिरिक्त क्लिनिकल फीस अधिक होती है.
वहीं, दो साल के मास्टर्स प्रोग्राम में पढ़ने वाले छात्रों को यह स्कॉलरशिप केवल दूसरे वर्ष में दी जाएगी. इसलिए एडमिशन लेने से पहले छात्रों को अपने चुने हुए कोर्स और फीस कैटेगरी की एलिजिबिलिटी जरूर चेक कर लेनी चाहिए.