{"vars":{"id": "123258:4912"}}

बॉलीवुड के 6 सितारे जिनका अंत था बेहद दर्दनाक; किसी के पास नहीं थे अस्पताल के पैसे, तो किसी की लाश ठेले पर गई

ग्लैमर की दुनिया का काला सच! मीना कुमारी से लेकर परवीन बाबी तक, जानें बॉलीवुड के उन 6 बड़े कलाकारों की कहानी जिनका अंतिम सफर मुफलिसी और अकेलेपन के अंधेरे में बीता।

 

“दुनिया के ऐतबार में नाज-उठाए हैं, क्या जानिए कि हम पे क्या-क्या गुजरी है”… फिल्मी दुनिया की चमक-धमक को पूरी दुनिया हसरत भरी निगाहों से देखती हैं. पर हकीकत कुछ और ही है. आज बात करेंगे भारतीय सिनेमा के फलक पर कभी सूरज की तरह चमकने वाले उन सितारों की. जिनका अंतिम सफर बेहद खामोश और दर्दनाक रहा. इन एक्टर्स ने अपनी एक्टिंग से करोड़ों दिलों को जीता, लोगों ने भी सिर्फ उस चकाचौंध को देखा, पर हकीकत में उसके पीछे अकेलेपन और मुफलिसी का ऐसा अंधेरा छिपा था, जिसे बयां करना मुश्किल है. ये बॉलीवुड के टॉप सितारों की वो कहानियां हैं, जो बताती हैं कि कामयाबी के वक्त सब साथ होते हैं, लेकिन ढलते सूरज को कोई नहीं पूछता. इन महान कलाकारों का दुखद अंत आज भी सिनेमा इतिहास में एक टीस बनकर जिंदा है.

यूं तो फिल्मी दुनिया में हर एक्टर का अपना-अपना सफर रहा है. पर कुछ जर्नी, यह सबक देती हैं कि वक्त कभी एक जैसा नहीं रहता. ग्लैमर की ये दुनिया जितनी हसीन दिखती हैं, उतनी ही बेरहम भी हो सकती है. आज हम ऐसे ही बॉलीवुड के 6 बड़े कलाकारों के बारे में आपको बताएंगे, जिनकी जिंदगी का आखिरी वक्त बहुत मुश्किल भरा रहा है.

शोहरत से गुमनामी तक का सफर

1. मीना कुमारी: भारतीय सिनेमा की बेस्ट एक्ट्रेस में से एक. जो आज भी सबके दिलों में बसी हुई हैं. लेकिन ऐसे ही मीना कुमारी को ट्रेजेडी क्वीन नहीं कहा जाता था. मीना कुमारी ने अपनी फिल्मों में जितना दर्द जिया, असल जिंदगी में उनका अंत उससे भी कहीं ज्यादा दुखद रहा. जहां घर की खराब स्थिति को देखते हुए बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट ही काम शुरू कर दिया था. तो आगे चलकर उनके प्यार को न ही मां-बाप समझ पाए और न समाज. स्क्रीन राइटर कमाल अमरोही के प्यार में सबको छोड़ दिया और उनसे शादी कर ली. पर यह रिश्ता टूट गया और इस बात से वो भी टूट गईं. वैवाहिक जीवन में तनाव और अकेलेपन के चलते उन्हें शराब की लत लग गई. डिप्रेशन का शिकार हो गईं और फिर Liver Cirrhosis जैसे गंभीर बीमारी हो गई. बताया जाता है कि जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो उनके पास बिल भरने तक के पैसे नहीं थे.

2. ए.के. हंगल: ‘शोले’ के रहीम चाचा याद हैं? भूला भी कैसे जा सकता है. 50 की उम्र में 1966 में आई फिल्म ‘तीसरी कसम’ से फिल्मी करियर की शुरुआत हुई थी. जिन्होंने 200 से ज्यादा फिल्मों में यादगार किरदार निभाए. पर हंगल साहब का अंत आर्थिक तंगी के बीच हुआ. बुढ़ापे में काम मिलना बंद हो गया और बचत भी खत्म हो गई. वो एक छोटे से घर में रहते थे और उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे. कहा जाता है कि जब उनके बेटे ने पैसे न होने की बात बताई थी, तो अमिताभ बच्चन और करण जौहर ने मदद की थी. पर साल 2012 में एक सरकारी अस्पताल में उनका निधन हो गया.

3. गुरु दत्त: भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन डायरेक्टर में से एक थे गुरु दत्त. जो 10 अक्टूबर 1964 को अपने किराए के अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे. कहा जाता है कि उन्होंने शराब के साथ नींद की गोलियां ले ली थीं. पर उनके भाई का मानना था कि वो आत्महत्या नहीं थी. दरअसल वो अपने परिवार के बिना ही रहते थे. वो बच्चों के साथ समय बिताना चाहते थे, जिसके लिए पत्नी गीता को रात को फोन किया था. साथ ही बच्चों को घर भेजने के लिए कहा था. उनकी शादी टूटने की कगार पर थी और पत्नी ने बच्चों को भेजने से मना कर दिया था. तो वो नाराज हो गए. उन्होंने रात 12 बजे भाई को भी रूम से जाने के लिए कह दिया था. क्योंकि फिल्म डिस्कस करने राइटर आ रहे थे. लेकिन 24 घंटे बाद वो मृत पाए गए. उस रात क्या हुआ, कोई नहीं जानता.

4. भगवान दादा: एक समय था, जब भगवान दादा के पास आलीशान गाड़ियां और बंगले थे. लेकिन एक फिल्म की असफलता ने सब कुछ बदल दिया. साल 1950 और फिल्म थी- ‘हंसते रहना’. जिसपर उन्होंने अपना सारा पैसा लगा दिया था, पर फिल्म बंद हो गई. हालत ऐसी हो गई कि उन्हें अपना बंगला और गाड़ियां बेचनी पड़ीं. अपनी जिंदगी के आखिरी साल उन्होंने मुंबई की एक चॉल में बेहद तंगी में गुजारे. कहा जाता है कि जब वो मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, तो फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने उनसे मुंह मोड़ लिया था. 4 फरवरी 2002 को मुंबई में उनका निधन हुआ था.

5. परवीन बाबी: 70 और 80 के दशक की सबसे ग्लैमरस एक्ट्रेस का अंत सबसे ज्यादा डराने वाला और अकेला था. वो बेहतरीन एक्ट्रेस होने के साथ ही फैशन आइकन भी थीं. पर उनकी जिंदगी के आखिरी दिन बहुत मुश्किल भरे रहे. पूजा बेदी ने खुलासा किया था कि वो जब घर में परवीन बाबी से मिलने गईं, तो वो बहुत बदल चुकी थीं. साथ ही कहा था कि मैं तुम्हें कुछ खाने के लिए नहीं दे सकती क्योंकि सिर्फ अंडे खाती हूं. वजह पूछने पर बोलीं- इसके साथ वो छेड़छाड़ नहीं कर सकते, सीक्रेट सर्विस या FBI. वो पैरानॉयड सिजोफ्रेनिया नाम की मानसिक बीमारी से पीड़ित थीं. उन्हें लगता था कि लोग उन्हें मारना चाहते हैं. साल 2005 में वो अपने फ्लैट में मृत पाई गईं. उनकी मौत का पता तब चला जब उनके घर के बाहर दो दिनों के अखबार और दूध के पैकेट जमा हो गए. पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तब तक उनका शरीर गलना शुरू हो गया था.

6. विमी: फिल्म ‘हमराज’ से रातों-रात स्टार बनीं विमी की कहानी बॉलीवुड की सबसे दर्दनाक कहानियों में से एक है. हालांकि, इस फिल्म के बाद उनका डाउनफॉल शुरू हो गया. उनकी तीन फिल्में फ्लॉप हुईं और फिर काम मिलना बंद हो गया. कहा जाता है कि इस मुश्किल वक्त में वो पति से भी अलग हो गई थीं. उन्होंने ब्रोकर के साथ रहना शुरू कर दिया था. और शराब के नशे में डूब गईं. उनके पास रहने का ठिकाना तक नहीं बचा था. 1977 में जब उनका निधन हुआ, तो उनके पास अंतिम संस्कार तक के पैसे नहीं थे. उनका लीवर पूरी तरह खराब हो गया था और नानावटी अस्पताल के जनरल वॉर्ड में आखिरी सांस ली. उनके शव को एक ठेले पर लादकर श्मशान घाट ले जाया गया था.