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अंबाला पुलिस की बड़ी सफलता: डेढ़ महीने से लापता 2 बच्चे यमुनानगर में मिले

अंबाला कैंट से लापता दो मासूम यमुनानगर के बाल कुंज से बरामद। घरेलू कलह और माता-पिता के व्यवहार से तंग आकर बच्चों ने छोड़ा था घर। अफवाह फैलाने वालों को पुलिस का जवाब।

 

अंबाला : पिछले माह अंबाला में बच्चों के अपहरण की अफवाह तेजी से फैल रही थी। इस बीच अंबाला कैंट एरिया से 2 बच्चे लापता भी हुए थे। हालांकि इन अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए पुलिस की तरफ से आमजन को संदेश भी दिया गया था। अब अंबाला पुलिस की एक बड़ी सफलता ने इन अफवाह फैलाने वालों को करारा जवाब दिया है। दरअसल घरेलू कलह का असर बच्चों पर अक्सर पड़ता है, जिस कारण कई बार बच्चे गलत कदम तक उठा लेते हैं। ऐसा ही एक मामला अंबाला कैंट से सामने आया है। 

अंबाला कैंट के सिमरन विहार से करीब डेढ़ महीना पहले लापता हुए 2 बच्चों को अंबाला पुलिस ने यमुना नगर के छछरोली से बरामद किया है। दोनों बच्चे वहां बाल कुंज में मिले। बच्चों ने बताया कि वह घरेलू कलह से तंग होकर यमुना नगर पहुंच गए थे। वहां स्टेशन पर कुछ दिन बिताने के बाद वह बाल कुंज पहुंचे थे।

करीब 12 साल की उम्र के 2 दोस्तों के घर के हालात कुछ ठीक नहीं थे। एक बच्चे की माता का निधन होने के बाद वह अपने पिता के साथ रह रहा था, लेकिन पिता शराब पीने का आदी था। जिस कारण बच्चा परेशान था। वही दूसरे बच्चे के पिता का निधन होने पर उसकी माता ने दूसरा विवाह किया। वहां घरेलू कलह देख कर दूसरा बच्चा भी परेशान था। ऐसे में दोनों बच्चों ने घर से निकलने की योजना बनाई। बच्चों के लापता होने पर परिजनों ने 12 फरवरी को महेशनगर थाने में गुमशुदगी की एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। मामले में बच्चों के परिजनों का कहना है कि वह बच्चों को ढूंढ ढूंढ कर थक चुके थे। पुलिस के लगातार प्रयास से दोनों बच्चे उन्हें सुरक्षित मिले।

 मामले में महेशनगर थाना पुलिस का कहना है कि बच्चों ने उन्हें बताया कि वह घरेलू कलह से तंग थे। एक दिन घर से खलते खलते पैदल ही अंबाला के दुखेड़ी रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां से वह यमुनानगर की ट्रेन में बैठ गए। वहां कुछ दिन स्टेशन पर व अन्य जगह झुग्गी झोंपड़ी में बिताए। इसी बीच किसी ने इन्हे देखा तो इन्हे छछरोली स्थित बाल कुंज में छोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि बच्चों की तलाश के लिए लगातार अलग अलग लोकेशन के सीसीटीवी कैमरो की फुटेज खंगाली जा रही थी। इसी बीच छछरोली बाल कुंज में संपर्क हुआ। छछरोली बाल कुंज की तरफ से बच्चों का मेडिकल करवाया गया और बच्चों को पुलिस के हवाले किया गया। जिसके बाद बच्चों के परिजनों को बुलाकर उनके सुपुर्द किया गया है।