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Chemical Tanker Fire Bahl Rajgarh Mor: जले टैंकर को किया गया रवाना, पेयजल आपूर्ति सुधारने और दमकल केंद्र की उठी मांग

बहल में रसायन से भरे टैंकर में आग लगने के बाद पीड़ितों के सामने आजीविका का संकट। प्रशासन और सरकार से मदद की आस।
 

बहल। रसायन से भरे टैंकर में आग लगने की घटना के चार दिन बाद भी राजगढ़ मोड़ पर हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। घटनास्थल पर बिखरे रेहड़ियों के टायर, जले गैस सिलिंडर और रसायन से काली पड़ी जमीन हादसे की भयावहता बयां कर रही है।

घटना के बाद जहां कुछ दिन पहले बाजार सजा हुआ था वहां अब राख और जले सामान के निशान ही नजर आ रहे हैं। तिनका-तिनका जोड़कर रेहड़ी और खोखे खड़े करने वाले लोगों की आजीविका चंद सेकंड में खत्म हो गई। करीब एक दर्जन से अधिक रेहड़ियां और खोखे जलने से दर्जनभर पीड़ित परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

पीड़ित पिछले तीन दिन से सुबह राजगढ़ मोड़ पर पहुंचते हैं और अपने रोजगार के जले साधनों को देखकर नम आंखों से लौट जाते हैं। इन लोगों के पास न दोबारा रेहड़ी-खोखे बनवाने के पैसे हैं और न ही सामान खरीदने के लिए पूंजी। पीड़ित रोहताश, सुशील जावला सहित अन्य लोगों ने बताया कि रोजगार दोबारा शुरू करने के लिए अब वे प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहे हैं।

घटना के बाद मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने पीड़ितों को सरकार से हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया था। एसडीएम मनोज दलाल ने भी रोजगार दोबारा शुरू करवाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मदद का आश्वासन दिया था। पीड़ितों का कहना है कि सहायता मिलने के बाद ही उनका रोजगार दोबारा शुरू हो सकेगा।

मौके से हटाया टैंकर फिर शुरू होगी बसों की आवाजाही
रविवार को टैंकर से रसायन के रिसाव के बाद लगी आग में वह पूरी तरह जल गया था। सोमवार दोपहर इसे घटनास्थल से हटाकर बस स्टैंड में खड़ा कर दिया गया था। इससे बस स्टैंड परिसर में बसों का आवागमन बंद हो गया और पीछे की दुकानों में सवारियों की कमी से कारोबार प्रभावित होने लगा। राहगीरों, दुकानदारों और बस चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बुधवार को जले टैंकर को ट्रक पर लादकर मौके से हटाया गया तो लोगों ने राहत की सांस ली।

कल हो सकती है पेयजल आपूर्ति सुचारु
हादसे के दौरान बचाव कार्यों में जनस्वास्थ्य विभाग की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। सोमवार को जलघर से बूस्टिंग स्टेशन की आपूर्ति के दौरान पाइप लाइन में रसायन मिल गया और यह पानी बूस्टिंग टैंक में पहुंच गया। कर्मचारियों का ध्यान इस ओर नहीं गया और पिलानी बाईपास रोड, राजगढ़ रोड सहित अन्य क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति कर दी गई।

शिकायत मिलने पर विभाग ने पेयजल आपूर्ति बंद कर दी। कर्मचारियों ने दो दिन के प्रयास के बाद टैंक खाली कर उसे क्लोरीनेट किया और सप्लाई लाइन में भी क्लोरीनयुक्त पानी डाला। विभाग ने लोगों को पानी का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी है। घर की टंकियों में पानी पहुंचने पर उन्हें अच्छी तरह साफ कर दोबारा पानी भरने के लिए कहा गया है।

दमकल केंद्र स्थापित करने के लिए सीएम को भेजा पत्र
रविवार की आग जैसी घटनाओं पर तत्काल काबू पाने के लिए लोगों ने बहल में दमकल केंद्र स्थापित करने की मांग तेज कर दी है। इस मांग को लेकर सोशल मीडिया पर भी आवाज उठाई जा रही है। जागरूक लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर घटना का हवाला दिया है। पत्र में कहा गया है कि बहल में दमकल केंद्र स्थापित किया जाना समय की जरूरत है। लोगों ने सरकार से इसे तुरंत प्रभाव से स्थापित करने की मांग की है।

एसडीएम ने अपनी मौजूदगी में करवाया नालों को खाली
आग की घटना के दो दिन बाद मंगलवार को रसायन के रिसाव वाले नाले में दोबारा आग भड़क उठी। इससे लोगों में दहशत फैल गई और रात में आग लगने पर बड़े नुकसान की आशंका पैदा हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मनोज दलाल खुद मौके पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में कर्मचारियों ने सुरपुरा रोड पर खाली जगह में जेसीबी से गड्ढा खुदवाया और नाले का पूरा पानी उसमें डलवाया। इसके बाद गड्ढे को मिट्टी से भर दिया गया।

प्रशासन द्वारा मौके से सभी साक्ष्य और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मौके की वीडियोग्राफी करवाई गई है। प्रशासन की संवेदनाएं पूरी तरह पीड़ितों के साथ है। किसी से साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।