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Quality Control Check Behal: फ्लाई ऐश ईंटों और निर्माण कार्य पर उठे सवाल, प्रयोगशाला की टीम ने की औचक जांच

बहल में पशु चिकित्सालय के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर जांच शुरू। गुणवत्ता नियंत्रण टीम ने लिए नमूने।
 

बहल। पशु चिकित्सालय में चल रहे निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोपों के बाद बुधवार को प्रशासन हरकत में आया। पशुपालन विभाग की अनुसंधान प्रयोगशाला के गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री के नमूने लिए जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।

पशु चिकित्सालय का पुराना भवन जर्जर होने के कारण परिसर में नए कमरों का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण शुरू होते ही ग्रामीणों ने इसमें इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। उनका आरोप था कि फ्लाई ऐश ईंटें कच्ची और निम्न स्तर की हैं तथा हाथ में लेते ही बिखर रही हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि कई ईंटें आधी-अधूरी हैं और निर्माण में इस्तेमाल की जा रही अन्य सामग्री भी मानकों के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि अधिकारियों को बार-बार शिकायत करने के बावजूद मामले में संज्ञान नहीं लिया गया। समाचार पत्रों में मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जांच टीम भेजी।

टीम ने मौके पर निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री के नमूने एकत्र किए। टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि सामग्री की गुणवत्ता का सही पता लैब में जांच के बाद ही चल सकेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निर्माण कार्य में किसी तरह की कमी पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अनियमितता की खबर के बाद दीवार में बदलाव का आरोप
निर्माण कार्य में अनियमितता की खबर सामने आने के बाद लोगों ने निर्माण एजेंसी पर जल्दबाजी में काम में बदलाव करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों के अनुसार एजेंसी के लोगों ने बनाई गई दीवार की एक-दो पारियां उतारकर दोबारा बनाईं और बाकी दीवार पर लिपाई-पुताई कर ईंटों को ढक दिया। लोगों ने अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं होने पर नाराजगी जताई और घटिया निर्माण वाली दीवार हटाकर जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगने की मांग की।

निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री के नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। जांच में किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो निर्माण एजेंसी से जवाब मांगा जाएगा।