भिवानी: दिनोद गांव का होगा कायाकल्प, 90 करोड़ से बिछेंगी सीवर और पेयजल लाइनें
भिवानी के दिनोद गांव में 90 करोड़ की महाग्राम योजना को मंजूरी। 16 एकड़ में बनेगा नया जलघर और एसटीपी प्लांट। सीएम नायब सैनी की घोषणा के बाद एस्टीमेट तैयार।
भिवानी। गलियों में जलभराव और पेयजल किल्लत से जूझ रहे गांव दिनोद में 90 करोड़ रुपये से पेयजल और सीवर लाइनें बिछाई जाएंगी। करीब 16 एकड़ पंचायती भूमि पर नया जलघर बनाया जाएगा और दूषित पानी की निकासी के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। अभी गांव की करीब 18,000 आबादी को पानी की आपूर्ति बापोड़ा के मुख्य जलघर से की जा रही है जो कभी इलाके के 71 गांवों को पानी देने के लिए जाना जाता था।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वार बीते दिनों तोशाम में की गई घोषणा के बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने महाग्राम योजना के तहत पूरे प्रोजेक्ट का रफ कोस्ट एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा है। इसकी मंजूरी के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान 10,000 से अधिक आबादी वाले गांवों को महाग्राम योजना में शामिल करने की घोषणा की थी। तब दिनोद इस योजना में शामिल नहीं हो सका था लेकिन बाद में राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी और उनकी बेटी सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के प्रयासों से इसे महाग्राम योजना में शामिल कराया गया। इसके बावजूद पेयजल और सीवर लाइन प्रोजेक्ट पर बात नहीं बनी। 31 मार्च को तोशाम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम की घोषणा के बाद विभाग ने एस्टीमेट मुख्यालय भेजा और ग्राम पंचायत से करीब 16 एकड़ भूमि विभाग के नाम स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भी मांगा ताकि कार्य को गति दी जा सके। अभी बापोड़ा से दिनोद में पेयजल आपूर्ति हो रही है और इसके लिए गांव में दो बूस्टर भी बने हुए हैं लेकिन खुद का जलघर नहीं है।
गांव में ये होंगे कार्य
दिनोद में गंदे पानी की निकासी के लिए एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) के अलावा दूषित पानी की निकासी के लिए दो पंपिंग स्टेशन बनेंगे। इसी तरह नए जलघर और टैंकों का निर्माण होगा। सीवरेज सिस्टम पर करीब 45 लाख और पेयजल सिस्टम पर 44 लाख रुपये का खर्च आएगा।
ये हैं गांव की शान
दिनोद में तारा स्मारक पांचवें राधा स्वामी गुरु ताराचंद का समाधि स्थल है जो शानदार वास्तुकला का नमूना है। उन्हें बड़े महाराज के नाम से जाना जाता है। यह षट्भुज आकार की संरचना जमीन से 6 फीट की ऊंचाई पर तारे के आकार में निर्मित है। यह स्मारक 88 फीट ऊंचा है और बिना किसी खंभे या स्तंभ के खड़ा किया गया है। पूरी इमारत कंक्रीट के खंभों के सहारे बनी हैं। समाधि के चारों ओर सुंदर बगीचा है। रोशनी में इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। राधा स्वामी संत कंवर महाराज के सत्संग में हजारों साधक यहां जुटते हैं। बाबा धूनी वाला और बाबा हनुमान गढ़ी मंदिर भी प्रसिद्ध स्थान हैं।
गांव दिनोद को पहले ही महाग्राम योजना में शामिल किया जा चुका था लेकिन इस पर कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई थी। ग्राम पंचायत की तरफ से करीब 16 एकड़ पंचायती भूमि जल घर निर्माण और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए मुहैया कराई गई है। पानी की लाइन डाले जाने के बाद हर घर तक पर्याप्त स्वच्छ जल पहुंचेगा।
दिनोद में महाग्राम योजना के तहत 90 करोड़ से रफ कोस्ट एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा है। ग्राम पंचायत से भूमि विभाग के स्थानांतरण किए जाने का प्रस्ताव भी मांगा गया है। महाग्राम योजना के तहत गांव में नया जलघर और एसटीपी का निर्माण कराया जाएगा।