{"vars":{"id": "123258:4912"}}

भिवानी: कृषि मंत्री बोले- अब खाद के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लंबी लाइनें

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का बड़ा ऐलान। अब पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को मिलेगी खाद। किसानों की समस्याओं और फसल बीमा योजना पर भी दी प्रतिक्रिया।

 

भिवानी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भिवानी में आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि अब खाद के लिए कहीं लाइनें नहीं लगेंगी। यदि कहीं लाइनें लगती हैं तो किसान उन्हें बताएं, वह खाद भिजवा देंगे। उन्होंने कहा कि पहले खाद आधार कार्ड पर मिलती थी जबकि अब मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को खाद उपलब्ध करवाई जाएगी।

पत्रकारों से बातचीत में कृषि मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। बारिश से किसानों को होने वाले नुकसान के सवाल पर उन्होंने कहा कि बारिश से कभी नुकसान नहीं होता बल्कि फायदा ही होता है। पिछले वर्ष भिवानी जिले में बाढ़ जैसे हालात और किसानों की खराब हुई फसलों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस बार गर्मी पड़ेगी और लोग बारिश के लिए तरस जाएंगे।

श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों के नुकसान की भरपाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत की जाती है। बाढ़ के बाद भी मुआवजा नहीं मिलने से परेशान किसानों द्वारा अदालत का रुख करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई बार किसान और कई बार बीमा कंपनियां नियमों की पालना नहीं करतीं जिसके बाद न्याय के लिए अदालत जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विवादों के समाधान के लिए छोटे से लेकर बड़े स्तर तक समितियां गठित हैं जो नियमों की पालना सुनिश्चित करती हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि वह स्वयं भी खेती करते हैं। पिछली बार बारिश के बाद उन्होंने कहा था कि गेहूं की फसल प्रति एकड़ दो क्विंटल अधिक होगी और ऐसा पूरे प्रदेश में हुआ। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में बारिश के बावजूद गेहूं का उत्पादन 10 लाख मीट्रिक टन अधिक हुआ जिसका रिकॉर्ड सरकार के पास मौजूद है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई उसी किसान को मिलती है जो समय रहते पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट करता है। डीएपी और यूरिया की उपलब्धता के संबंध में उन्होंने कहा कि किसानों को खाद वितरण की व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। बढ़ती महंगाई के सवाल पर श्याम सिंह राणा ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण दिक्कतें थीं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बचत के लिए अच्छे प्रयास किए हैं।