भिवानी: अस्पताल में बंद लिफ्टें और गायब स्ट्रेचर, मरीज परेशान
भिवानी के नागरिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट बंद और स्ट्रेचर गायब मिलने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। तीमारदार मरीजों को गोद में ले जाने को मजबूर हैं।
भिवानी। लिफ्टें बंद, स्ट्रेचर गायब और सहारे को तरसते मरीजों की तस्वीर जिला नागरिक अस्पताल और पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत बयां कर रही है। बंद लिफ्टें, गायब व्हील चेयर व स्ट्रेचर तथा धूप में पंजीकरण कराने की मजबूरी ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है।
अस्पताल परिसर में आने वाले गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। प्रशासनिक अनदेखी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं और मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
फिलहाल जिला नागरिक अस्पताल में दंत रोग ओपीडी को छोड़कर सभी ओपीडी सेवाएं बंद हैं। इसके कारण पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा खून जांच, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जांच केंद्रों पर भी भीड़ उमड़ रही है।
मरीजों को गोद में ले जाने को मजबूर तिमारदार
नागरिक अस्पताल के आपात विभाग के बाहर मरीजों के लिए व्हील चेयर और स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं रहते। परिजन अपने लाचार और दर्द से कराहते मरीजों को गोद में उठाकर, कंधे का सहारा देकर या पीठ पर लादकर ओपीडी और वार्डों तक ले जाने को मजबूर हैं। वहीं किसी अधिकारी का दौरा होने पर आपात विभाग के बाहर व्हील चेयर और स्ट्रेचर की भरमार दिखाई देती है। अधिकारी के जाने के बाद फिर व्हील चेयर और स्ट्रेचर गायब हो जाते हैं और मरीज दिनभर परेशान होते रहते हैं।
बंद लिफ्टों से मरीज परेशान
जिला नागरिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में लिफ्टें बंद पड़ी हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उठानी पड़ रही है। लिफ्ट बंद होने के कारण उन्हें दूसरी और तीसरी मंजिल पर स्थित ओपीडी, पैथोलॉजी जांच प्रयोगशालाओं और भर्ती वार्डों तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। सांस, हृदय और जोड़ों की बीमारियों से पीड़ित बुजुर्ग मरीजों के लिए सीढ़ियां चढ़ना और भी मुश्किल हो जाता है। लिफ्ट और स्ट्रेचर नहीं मिलने से मरीजों को चिकित्सकों के कक्ष तक पहुंचने में ही घंटों लग जाते हैं जिससे समय पर इलाज मिलने में परेशानी हो रही है।
धूप में मरीज करवा रहे पंजीकरण
अस्पताल परिसर में अव्यवस्था का आलम यह है कि पर्ची कटवाने (पंजीकरण) के लिए आने वाले मरीजों को भीषण धूप और गर्मी में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। पंजीकरण काउंटरों के बाहर न तो कोई स्थायी शेड है और न ही धूप से बचाव के लिए त्रिपाल या अन्य छाया की व्यवस्था की गई है। वहीं अस्पताल स्टाफ को धूप से बचाने के लिए हरे कपड़े के पर्दे लगाए गए हैं ताकि उन्हें धूप से राहत मिल सके।
अपने बुजुर्ग पिता का इलाज कराने के लिए आया हूं। हम सुबह से लाइन में लगे हैं। न तो पिताजी के लिए बैठने की कोई जगह मिली और न ही व्हील चेयर। लिफ्ट बंद होने के कारण उन्हें दो मंजिल ऊपर सीढ़ियों से ले जाना पड़ा। सरकारी अस्पतालों में गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। प्रशासन को समस्या का समाधान करना चाहिए।
चिकित्सक कक्षों में घुसे रहते हैं मरीज
मरीजों की जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। चिकित्सक कक्षों के अंदर 20 से 25 मरीज एक साथ घुस जाते हैं। इसके बाद चिकित्सक को चारों तरफ से घेर लेते हैं। इससे न तो मरीज खुलकर अपनी बात रख पाता है और न ही चिकित्सक सही ढंग से परामर्श दे पाते हैं।
नागरिक अस्पताल में नई लिफ्ट लगाई गई हैं। लिफ्ट बंद होने की सूचना मुझे नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो अभी पता करवाता हूं कि क्या कारण है। इसे मरीजों की सुविधाओं के लिए तुरंत चालू करवा दिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में एक सप्ताह के अंदर सभी सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। इसमें लिफ्ट, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और खून जांच शामिल हैं। इसके बाद मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।