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भिवानी: सरकारी अस्पताल में बड़ा हादसा, छत का प्लास्टर गिरने से युवक घायल

भिवानी के चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल के वार्ड में छत का प्लास्टर गिरने से बीमार बेटी की देखभाल कर रहे पिता घायल। अस्पताल की जर्जर इमारत पर उठे सवाल।

 

भिवानी। शहर के चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल के वार्ड नंबर आठ में एक गंभीर हादसा हुआ। अपनी बीमार बेटी की देखभाल कर रहे जितेंद्र पर छत का प्लास्टर आ गिरा जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया जहां सिर पर 8 से 10 टांके लगाने पड़े। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पिपली जोहड़ी इलाके के जितेंद्र दिहाड़ी-मजदूरी करके परिवार का पेट पालते हैं। उनकी बेटी चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल के वार्ड नंबर आठ में उपचाराधीन थी। वीरवार को जितेंद्र बेटी के बेड के पास बैठे थे, तभी वार्ड की जर्जर छत से लेंटर का एक बड़ा हिस्सा उनके सिर पर गिर गया।

जितेंद्र का सिर फट गया और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। स्टाफ ने जितेंद्र को आपातकालीन विभाग पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जितेंद्र की हालत स्थिर है और वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता की गुहार
इस हादसे से जितेंद्र के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटी पहले से बीमार थी, अब घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य भी अस्पताल में है। जितेंद्र की पत्नी आरती और उनकी बुजुर्ग माता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि वे पहले से ही तंगहाली में जी रहे थे। मजदूरी न मिलने से घर चलाना मुश्किल हो रहा था, और इस हादसे ने उनकी कमर तोड़ दी है। आरती और जितेंद्र की मां ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है ताकि वे पति और बेटी का इलाज करा सकें तथा घर का गुजारा चला सकें।

सीएमओ ने किया मौका मुआयना
सरकारी अस्पताल में हुए इस हादसे की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुवीर शांडिल्य तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने वार्ड नंबर आठ का निरीक्षण किया और उस जगह को देखा जहां से लेंटर गिरा था। उन्होंने घायल जितेंद्र के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।

वर्जनसाल 2022 में इस बिल्डिंग की मरम्मत करवाई गई थी लेकिन यह इमारत वर्तमान में असुरक्षित श्रेणी में आती है। उन्होंने कहा कि हादसे को गंभीरता से लिया गया है। कारणों की जांच के लिए तुरंत एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया है। उच्च अधिकारियों को भी घटना के संबंध में लिखित पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। अस्पताल के जर्जर हिस्सों को जल्द दुरुस्त किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसा कोई हादसा न हो।