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Pramod Murder Case Verdict Bhiwani: भाजपा नेता गुणपाल के बेटे की हत्या मामले में तीन को उम्रकैद, 7 साल बाद आया फैसला

भिवानी की अदालत ने 7 साल पुराने प्रमोद हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। भाजपा नेता गुणपाल के इकलौते बेटे थे प्रमोद।
 

भिवानी: भाजपा नेता गुणपाल के इकलौते बेटे प्रमोद की हत्या के सात साल पुराने मामले में सोमवार को अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश मनीष की अदालत ने प्रमोद पूनिया शमशेर, उसकी पत्नी सुनीता और बेटे नवीन को उम्रकैद की सजा सुनाई। गुणपाल वर्ष 2014 में भाजपा के टिकट पर तोशाम सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और सांसद धर्मबीर सिंह के करीबी हैं।

अभियोजन के मुताबिक धारवानबास निवासी महेश कुमार ने पुलिस रिपोर्ट में बताया था कि 17 मई 2019 की रात करीब 12 बजे वह घर लौट रहा था। गांव में राजेश के घर के पास पहुंचा तो देखा कि शमशेर उसकी पत्नी व बेटे के अलावा राजेश, सुरेश,  धर्मवीर, कृष्ण, प्रदीप, पवन और उसके भतीजे प्रमोद को घेरकर लाठी डंडों से पीट रहे थे। बचाने के लिए वह आगे बढ़ा तो राजेश ने रिवाल्वर तानकर धमकी दी कि बीच में आया तो गोली मार देगा। इसके बाद वे गंभीर रूप से घायल प्रमोद को खींचकर शमशेर के घर ले गए और दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद महेश व उसका भाई गुणपाल पुलिस को लेकर शमशेर के घर गए और प्रमोद को वहां से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर गया। इसके बाद परिजन उसे किया दिल्ली एम्स ले गए। वहां 11 दिन तक उपचार के बाद 28 मई 2019 को प्रमोद की मौत हो गई।

सोमवार को सुनवाई के बाद अदालत ने शमशेर, सुनीता व नवीन को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। बाकी सात आरोपियों की मामले में भूमिका नहीं पाए जाने पर अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।  

बेटे के लिए लड़ी लंबी लड़ाई : पीड़ित पिता
 फैसले के बाद प्रमोद के पिता गुणपाल ने कहा कि बेटे को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने सात साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। प्रमोद इकलौता बेटा था। वह कानून की पढ़ाई कर रहा था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। हत्या का कारण उन्होंने पारिवारिक रंजिश बताया है। पंचायत होने के बाद भी तनातनी बनी रहती थी।