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Dhigawa Mandi Update: 5वें दिन मंडी में पहुंचा 12 हजार क्विंटल से ज्यादा बाजरा, किसानों को भावांतर योजना का इंतजार

भिवानी और ढिगावा मंडी में बाजरे की बंपर आवक जारी है, लेकिन सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद न किए जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जानिए ताजा बाजार भाव।

 

प्रदेश की अन्य मंडियों की तर्ज पर भिवानी अनाज मंडी में भी बाजरे की सरकारी खरीद से एजेंसियों ने पूरी तरह किनारा कर लिया है। सोमवार को मंडी में करीब 600 किसान साढ़े आठ हजार क्विंटल बाजरा लेकर पहुँचे और उनके गेट पास भी काटे गए, लेकिन दिनभर कोई भी एजेंसी अधिकारी खरीद के लिए नहीं पहुँचा। आढ़तियों ने किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बाजरा अपने प्रतिष्ठानों के आगे उतरवा लिया, जिसके बाद किसान फसल आढ़तियों के भरोसे छोड़कर लौटने को मजबूर हुए।

💰 सरकारी खरीद न होने से संशय में किसान: एमएसपी और प्राइवेट बोली में बड़ा अंतर, भावांतर योजना पर स्पष्टता की मांग

वर्तमान में भिवानी मंडी में अब तक कुल 65 हजार क्विंटल बाजरा पहुँच चुका है। प्राइवेट बोली में किसानों को 2,200 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिल रहा है, जबकि सरकार द्वारा बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,900 रुपये तय किया गया है। सरकार ने प्राइवेट बोली पर बिकने वाले बाजरे पर 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर का लाभ देने का प्रावधान किया है। शुक्रवार को एक दिन 613 क्विंटल बाजरा बिकने के बाद सोमवार को खरीद बंद रहने से किसानों में यह डर है कि कहीं उनका बाजरा वापस न लौटा दिया जाए। ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान नरेश बंसल भूरू ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

📊 ढिगावा मंडी में बाजरे की बंपर आवक: पांचवें दिन पहुँचा 12 हजार क्विंटल से अधिक बाजरा, मार्केट कमेटी ने की अपील

दूसरी ओर, ढिगावा अनाज मंडी में सोमवार को पाँचवें दिन बाजरे की बंपर आवक देखने को मिली। यहाँ 532 किसान 12,142 क्विंटल बाजरा लेकर पहुँचे। फिलहाल यहाँ फसल की खरीद प्राइवेट तौर पर हो रही है और 2,301 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से कुल 364 क्विंटल बाजरा खरीदा जा चुका है। मार्केट कमेटी सचिव विवेक पंघाल ने किसानों से अपील की है कि वे साफ-सुथरी फसल समय पर लाएं और भुगतान में किसी प्रकार की अड़चन से बचने के लिए फसल बेचने के बाद बायोमेट्रिक प्रक्रिया अवश्य पूरी करवाएं।