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भिवानी: बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन, निजीकरण के विरोध में भरी हुंकार

हरियाणा में बिजली निगम के निजीकरण और एग्री डिस्कॉम नीति के विरोध में बिजली कर्मचारियों का दो दिवसीय प्रदर्शन। सरकार को दी चेतावनी, 2 जुलाई को घेराव का ऐलान।

 

भिवानी। बिजली निगम के निजीकरण की साजिश का आरोप लगाते हुए हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्करज यूनियन हैड ऑफिस भिवानी से संबंधित हरियाणा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों का दो दिवसीय विरोध-प्रदर्शन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने सरकार की श्रमिक व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।

विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन के सर्कल सचिव मनोज बल्लू बामला ने की जबकि मंच का संचालन सिटी यूनिट के सचिव राजकुमार जटासरा द्वारा किया गया। मनोज बल्लू बामला ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जो एग्री डिस्कॉम बनाए जा रहे हैं, वे न तो अन्नदाता किसानों के हित में हैं और न ही दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले बिजली कर्मचारियों के हित में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यह सब अपने चुनिंदा चहेतों और कॉर्पोरेट मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के जरिए पूरे बिजली निगम को निजी हाथों में सौंपने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है।

उन्होंने बताया कि अपनी मांगों को लेकर 30 जून को भिवानी स्थित एससी कार्यालय पर रोष प्रदर्शन किया जाएगा जिसमें भिवानी के साथ दादरी जिले के बिजली कर्मचारी भी भाग लेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिर भी सरकार की ओर से समाधान नहीं किया गया तो 2 जुलाई को हरियाणा भर के बिजली कर्मचारी अंबाला पहुंचेंगे और वहां बिजली मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस अवसर पर वरिष्ठ उपप्रधान मोंटी कुमार, चेयरमैन रमेश यादव, अनिल कादमा, उमेश कुमार, सुदर्शन यादव और अनिल तालु उपस्थित रहे।