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भिवानी में गर्मी का कहर: 42.5 डिग्री पहुंचा पारा, ओपीडी में पेट रोगियों की भीड़

भिवानी में पारा 42.5 डिग्री के पार। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डिहाइड्रेशन और उल्टी-दस्त के मरीजों की बढ़ी संख्या। डॉ. यतिन गुप्ता ने दी जंक फूड से बचने की सलाह।

 

भिवानी। जिले में बढ़ते तापमान का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखने लगा है और पेट संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शनिवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जिसके चलते डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और पेट संक्रमण के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में भी इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 380 से 400 मरीज पहुंच रहे हैं जिनमें से 70 से 80 मरीज उल्टी, दस्त और शरीर में पानी की कमी के कारण लो बीपी की शिकायत लेकर आ रहे हैं।

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि मौसम में बदलाव और बढ़ते तापमान का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि दूषित भोजन और जंक फूड का अधिक सेवन भी पेट की समस्याओं को बढ़ा रहा है क्योंकि गर्मी के मौसम में जंक फूड पचने में अधिक समय लेता है। इसके अलावा संक्रमित पानी पीने से लोग वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।

डॉ. गुप्ता ने सलाह दी कि पीने के पानी को अच्छी तरह उबालकर ठंडा करने के बाद ही इस्तेमाल करें। उल्टी या दस्त होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और ओआरएस का घोल लेते रहें। शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करें। नींबू पानी, नारियल पानी और ताजे फलों के जूस का सेवन डिहाइड्रेशन से बचाव में मददगार है।

पेशाब में संक्रमण व पथरी का दर्द भी कर रहा समस्या
ओपीडी में आने वाले कुछ मरीजों में पेशाब में संक्रमण और पथरी के दर्द की शिकायत भी सामने आ रही है। चिकित्सकों के अनुसार कई लोग काम में व्यस्त रहने के कारण पर्याप्त पानी नहीं पीते जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में बढ़ते तापमान के बीच कम पानी पीने से पेशाब में संक्रमण और पथरी की समस्या बढ़ने लगती है।