भिवानी: भारी बारिश से शहर पानी-पानी, सड़कों पर भरा 2 फीट तक पानी
भिवानी में तेज बारिश के बाद सड़कों, बस स्टैंड और निचले इलाकों में जलभराव। सीवर ठप और सड़कें धंसने से आमजन परेशान। आंगनबाड़ी केंद्र में घुसा पानी। पढ़ें अपडेट।
भिवानी। बुधवार दोपहर बाद करीब सात एमएम बारिश से शहर की मुख्य गलियां और रास्ते पानी-पानी हो गए। बाईपास की सड़क भी कई जगह धंस गई। बाईपास पर बारिश से भारी कटाव बने हैं जिससे हादसों का अंदेशा बढ़ गया है। शहर के रोहतक गेट, सब्जीमंडी, विकास नगर, रोडवेज कर्मशाला, बस स्टैंड और मिनी बाईपास चौक पर जलभराव हुआ।
वहीं हांसी रोड पर चिलिंग प्लांट, जिला कारागार बाईपास चौक और दिनोद गेट सहित कई निचले इलाकों में पानी भर गया। मुख्य रास्तों और सड़कों पर दो से ढाई फीट पानी के बीच दुपहिया वाहन चलते दिखे। ठप सीवर की वजह से दूषित पानी भी सड़कों पर जमा हो गया। दोपहर बाद करीब सवा घंटा चली रिमझिम बारिश से शहर में जलभराव के हालात पैदा हुए।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पंपिंग स्टेशनों के जरिये पानी की निकासी का काम जारी रहा। देवसर चुंगी स्थित पुराने डिस्पोजल में बारिश के पानी के साथ प्लास्टिक कचरा भी पहुंचा। इससे डिस्पोजल टैंक से पानी को आगे ड्रेन तक भेजने में परेशानी हुई। टैंक में जमा प्लास्टिक कचरा कर्मचारियों को मैनुअल तरीके से बाहर निकालना पड़ा क्योंकि यहां ऑटोमेटिक मशीन लंबे अर्से से बंद पड़ी है। दिनोद गेट क्षेत्र में जलभराव के चलते लोगों को काफी परेशानी हुई। सड़क धंसी होने की वजह से वाहन चालकों को संभलकर आगे बढ़ना पड़ा। शहर के अन्य हिस्सों में भी बारिश के दौरान बरसाती चैनल ठप हो गए।
पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के बाहर जलभराव
हांसी रोड पर पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के आवास के बाहर भी बरसाती जलभराव हुआ। मुख्य सड़क पर भी वाहनों की आवाजाही के बीच बारिश का पानी हिलोरे मारने लगा। करीब दो घंटे बाद यहां से पानी की निकासी कराई गई। बारिश के दौरान पार्किंग किए गए दुपहिया वाहनों के टायर भी पानी में डूब गए।
सफाई के बाद फिर ठप हुए बरसाती नाले
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अलावा नगर परिषद के जिन हिस्सों में खुले बरसाती नाले बने हैं वहां बारिश के बाद जलभराव के हालात बने। बारिश के पानी के साथ गंदगी फिर से इन खुले नालों में पहुंच गई जिससे इनकी पहले वाली स्थिति बन गई। कुछ जगहों पर नालों की आधी-अधूरी सफाई भी मानसून की पहली बारिश में ही आफत बन गई।
गांव सैय के आंगनबाड़ी केंद्र में घुसा पानी
गांव सैय में बारिश के दौरान आंगनबाड़ी परिसर भी डूब गया। आंगनबाड़ी भवन में बारिश का पानी जमा होने से बच्चों का राशन और सामान खराब होने लगा है। बुधवार को हुई बारिश के बाद आंगनबाड़ी केंद्र में एक से डेढ़ फीट पानी जमा हो गया। ग्रामीण राजबीर कौशिक ने बताया कि गांव की आंगनबाड़ी में पानी की निकासी का कोई बंदोबस्त नहीं है। आंगन और कमरे में बारिश के पानी का स्तर एक समान है। ऐसे में यहां रखा जरूरी रिकार्ड भी बारिश की भेंट चढ़ सकता है। बच्चों के लिए खेल सामान और राशन भी बारिश की वजह से खराब होने के कगार पर पहुंच गया है। इसी परिसर के अंदर प्ले स्कूल भी चल रहा है जहां छोटे बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई सीखने आते हैं। जलभराव की वजह से इन बच्चों की गतिविधि भी खटाई में पड़ गई है।
बारिश के दौरान विभाग ने शहर के सभी हिस्सों से पानी की निकासी समय रहते करा दी है। अचानक बारिश तेज होने पर कुछ देर के लिए पानी का ठहराव होता है लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं रह पाता है। अब शहर के किसी भी हिस्से में ऐसी स्थिति नहीं है जहां जलभराव बना है। विकास नगर का डिस्पोजल थोड़ा छोटा है इसलिए यहां पानी निकासी में थोड़ा समय लगता है।