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Bhiwani Animal Husbandry News: गोशालाओं में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड, 1.20 लाख गायों को लग चुकी है वैक्सीन

भिवानी जिले में लंपी संक्रमण का प्रकोप जारी। 4 गोशालाओं और 150 से ज्यादा गांवों में गोवंश हुए प्रभावित, प्रशासन सतर्क।
 

भिवानी। जिले की चार गोशालाओं में अब तक 24 गोवंश लंपी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं जबकि गुजरानी गोशाला में एक संक्रमित गोवंश की मौत हो गई। महम रोड स्थित मुख्य गोशाला के अलावा गुजरानी, बवानीखेड़ा और दादरी गेट स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी गोशाला में संक्रमित गोवंश को अलग आइसोलेशन वार्ड में रखकर उपचार दिया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्र में भी लंपी संक्रमण पैर पसार चुका है और जिले के 150 से अधिक गांवों में 550 से ज्यादा गोवंश इसकी चपेट में आ चुके हैं। पशुपालन विभाग ने टीकाकरण का काम करीब पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। उपचार के लिए पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता का दावा भी किया जा रहा है।

तिगड़ाना मोड स्थित गोकुलधाम गो सेवा महातीर्थ के आइसोलेशन वार्ड में प्रदेशभर से रोजाना 20 से 25 लंपी संक्रमित पशु पहुंच रहे हैं। यहां उनका उपचार किया जा रहा है। कई पशुपालकों के गोवंश में लंपी के लक्षण उभरने के बाद हालत बिगड़ रही है। ढिगावामंडी, लोहारू और जूई क्षेत्र के पशुपालकों के गोवंश में संक्रमण का अधिक प्रभाव दिखाई दिया है।

आइसोलेशन वार्ड में गोवंश के शरीर पर बने हैं गहरे जख्म
तिगड़ाना मोड स्थित आइसोलेशन वार्ड के इंचार्ज पूर्व सूबेदार सत्यदेव ने बताया कि संक्रमित गोवंश का उपचार किया जा रहा है। कई पशु गंभीर हालत में यहां पहुंच रहे हैं। इनके शरीर पर गांठें फूटने के बाद घाव और गहरे जख्म बन गए हैं। ऐसे गोवंश को स्वस्थ होने में भी काफी दिक्कत आ रही है।

बिना पोस्टमार्टम के गोवंश हो रहे मिट्टी में दफन
लंपी संक्रमित गोवंश की मौत के बाद पशुपालन विभाग पोस्टमार्टम नहीं कर रहा है। आइसोलेशन वार्ड में मृत किसी भी गाय का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। यहां प्रदेशभर से लाए गए संक्रमित गोवंश का पूरा रिकॉर्ड रखा जा रहा है। मौत के बाद पोस्टमार्टम होने से यह पता लगाया जा सकता है कि प्रदेश के किस हिस्से में बीमारी गंभीर स्थिति में पहुंच चुकी है।

जिले में एक लाख 20 हजार गायों का हो चुका वैक्सीनेशन
पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में गायों का वैक्सीनेशन 99 फीसदी पूरा हो चुका है। अब तक एक लाख 20 हजार गायों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। कुछ पशुओं में वैक्सीनेशन के बाद भी लंपी के लक्षण सामने आए हैं। विभाग के अनुसार पहले से आंशिक रूप से संक्रमित गायों में वैक्सीनेशन के बाद लक्षण अधिक उभर आए। ऐसे पशुओं का संबंधित गोशालाओं में उपचार किया जा रहा है।

नगर परिषद की नंदीशाला में एक हजार से अधिक गोवंश
हालुवास गेट स्थित नगर परिषद की नंदीशाला में एक हजार से अधिक बेसहारा गोवंश को रखा गया है। यहां लंपी संक्रमण की संभावना कम है क्योंकि सभी गोवंश का टीकाकरण पूरा हो चुका है। नंदीशाला में अभी एक भी गोवंश लंपी से पीड़ित नहीं है। नंदीशाला सेवा दल के सदस्य अमित बंसल ने बताया कि सभी गोवंश का समय रहते टीकाकरण कराया गया था। पशु चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। नंदीशाला में अलग उपचार कक्ष और आपात कक्ष भी बनाया गया है जहां बीमार गोवंश का उपचार किया जाता है।

गोशाला भिवानी में बना आइसोलेशन वार्ड, 24 का चल रहा उपचार
श्री गोशाला ट्रस्ट भिवानी के अधीन संचालित गुजरानी गोशाला में लंपी से एक गोवंश की मौत हो चुकी है। महम रोड स्थित गोशाला ट्रस्ट के गोशाला विस्तार अधिकारी डॉ. मोहन लाल बालेश्रा ने बताया कि गुजरानी गोशाला में पांच, बवानीखेड़ा गोशाला में चार और भिवानी गोशाला में 13 गोवंश संक्रमित मिले हैं। दादरी गेट स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी गोशाला में भी दो गोवंश लंपी पीड़ित हैं। सभी को अलग आइसोलेशन वार्ड में रखकर उपचार दिया जा रहा है। टीकाकरण के बाद भी कुछ गोवंश में लंपी के लक्षण उभरे हैं, जिनकी पशुपालन विभाग के अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। गुजरानी में एक गोवंश की मौत हुई है जबकि बाकी उपचाराधीन हैं।

जिले भर में लंपी की रोकथाम के लिए टीकाकरण पूरा हो चुका है। सभी गोशालाओं और नंदीशालाओं के अलावा पशुपालकों के गोवंश को भी टीकाकरण के दायरे में लाया गया है। किसी पशुपालक के गोवंश में लंपी के लक्षण दिखाई दें तो वह नजदीकी पशु अस्पताल में संपर्क कर उपचार करा सकता है। सभी पशु चिकित्सकों को अपने क्षेत्र में संक्रमण की रोकथाम और निगरानी के सख्त निर्देश दिए गए हैं।