Bhiwani Mandi News: भिवानी की मंडियों में सफाई संकट; कचरा निस्तारण के भुगतान पर छिड़ा विवाद, रबी सीजन से पहले बढ़ी आढ़तियों की चिंता
भिवानी की नई अनाज मंडी और सब्जी मंडी में कचरा निस्तारण के भुगतान को लेकर नगर परिषद के डंपिंग यार्ड और सफाई ठेकेदार के बीच विवाद खड़ा हो गया है। ₹950 प्रति टन के भुगतान की मांग के कारण मंडियों में गंदगी का अंबार लग रहा है। आढ़ती एसोसिएशन ने रबी खरीद से पहले समाधान की मांग की है।
भिवानी। कचरे के निस्तारण के भुगतान को लेकर खड़े हुए विवाद के कारण शहर की नई अनाज मंडी और रोहतक रोड स्थित सब्जी मंडी में सफाई संकट गहराने लगा है। शहरी क्षेत्र में होने के बावजूद इन दोनों परिसरों से निकलने वाले ठोस कचरे के निस्तारण की समस्या खड़ी हो गई है जिस पर मंडी की आढ़ती एसोसिएशन ने चिंता जताते हुए अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग की है।
स्थानीय शहरी निकाय विभाग की ओर से नगर पालिका और नगर परिषद क्षेत्र से एकत्रित कचरे के निस्तारण के लिए दादरी रोड स्थित डंपिंग यार्ड करीब 22 साल की लीज पर दिया गया है। यहां ठेकेदार ठोस कचरे के निस्तारण के लिए प्रति टन के हिसाब से भुगतान लेता है। दूसरी ओर हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड ने नई अनाज मंडी और रोहतक रोड की सब्जी मंडी में सफाई और कचरा उठान के लिए अलग ठेकेदार को ठेका दिया हुआ है। सफाई के बाद इन मंडियों से निकलने वाले ठोस कचरे को डंपिंग यार्ड में डालने को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है।
ठेकेदार दोनों परिसरों में सफाई तो करा रहा है लेकिन जब वह एकत्रित ठोस कचरा नगर परिषद के डंपिंग यार्ड में डालने पहुंचा तो वहां पहले भुगतान करने की सख्त हिदायत दी गई। इसके बाद ठेकेदार ने ठोस कचरा निस्तारण के लिए मार्केट कमेटी के अधिकारियों से अतिरिक्त भुगतान की मांग की लेकिन अधिकारियों ने सफाई ठेका अनुबंध में अतिरिक्त भुगतान का कोई प्रावधान नहीं होने की बात कही। अब स्थिति यह है कि डंपिंग यार्ड में कचरा डालने के लिए ठेकेदार को अलग से भुगतान करना होगा। उधर मार्केट कमेटी ने भी सफाई कार्य प्रभावित होने को लेकर संबंधित ठेकेदार को नोटिस देने की तैयारी कर ली है।
अनाज मंडी में सफाई हो रही प्रभावित
अनाज मंडी में सप्ताह में दो से तीन बार ही सफाई हो पा रही है। रोजाना यहां से करीब दो ट्रॉली कचरा निकल रहा है। ट्रॉली खाली नहीं होने की वजह से ठेकेदार ने भी सफाई का काम रोक दिया है। ऐसे में अगर डंपिंग यार्ड में कूड़ा खाली नहीं हुआ तो रबी सीजन की खरीद के दौरान मंडी में सफाई को लेकर गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। फसल खरीद शुरू होने से पहले ही जिला प्रशासन व संबंधित अधिकारी इस समस्या का समाधान करें। - मधुर गुप्ता, आढ़ती, अनाज मंडी।
कूड़े से भरी गाड़ियां नहीं हो रहीं खाली
नई अनाज मंडी और सब्जी मंडी में सफाई को लेकर हालात बिगड़ रहे हैं। इसकी वजह ठेकेदार द्वारा सफाई के बाद कूड़े को डंपिंग यार्ड में नहीं ले जाया जा रहा है। ठेकेदार से डंपिंग यार्ड में कूड़ा निस्तारण के लिए अलग से भुगतान मांगा जा रहा है। अब यह दुविधा ठेकेदारों के बीच है लेकिन इस बीच मंडी के आढ़ती सफाई की गंभीर समस्या में घिर गए हैं। अधिकारी जल्द से जल्द इसका समाधान कराएं।
नगर परिषद की तरफ से चार शहरों से निकलने वाले ठोस कचरे के निस्तारण के लिए कंपनी ने अपना खुद का प्लांट स्थापित किया है। ठोस कचरा निस्तारण के लिए नगर परिषद प्रति टन के हिसाब से भुगतान कर रहा है। अगर कोई प्राइवेट ठेकेदार यहां ठोस कचरा निस्तारण के लिए लाता है तो अनुबंध के हिसाब से उसे प्रति टन साढ़े 900 रुपये का भुगतान कंपनी को देना अनिवार्य होगा। मार्केटिंग बोर्ड की सफाई नगर परिषद की हद में नहीं आती है, इसलिए इस कचरे के निस्तारण के लिए कंपनी बाध्य नहीं है।
मार्केट कमेटी की तरफ से संबंधित ठेकेदार को सफाई का अनुबंध किया हुआ है। अनुबंध के अनुसार ठोस कचरा निस्तारण के लिए अलग से भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है। इसको लेकर संबंधित ठेकेदार को नोटिस भी दिया जाएगा। अगर आढ़ती एसोसिएशन सफाई का ठेका लेना चाहती है तो नियमों के अनुसार उन्हें यह कार्य सौंपा जा सकता है।