भिवानी मंडी अपडेट: गेहूं की आवक शुरू, जमाखोरी रोकने के लिए निगरानी कमेटियां गठित
भिवानी की मंडियों में गेहूं की आवक तेज। DC साहिल गुप्ता ने बनाई निगरानी कमेटियां। सरसों की जमाखोरी और मार्केट फीस चोरी पर रहेगी नजर। जानें गेहूं का सरकारी भाव।
भिवानी। जिला मुख्यालय की मंडी सहित ग्रामीण मंडियों में बारिश से भीगी फसल को सुखाने में किसान जुटे रहे। वहीं गेहूं की सरकारी खरीद में बायोमेट्रिक व्यवस्था को लेकर संशय बना रहा। हालांकि अभी तक गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। फिलहाल मंडियों में सरसों की बिक्री प्राइवेट बोली के माध्यम से ही की जा रही है जहां सरसों एमएसपी से करीब 500 रुपये अधिक भाव पर बिक रही है।
जिला मुख्यालय की मंडी में शनिवार को भी गेहूं की आवक हुई जहां करीब दो हजार क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंचा। पहले से ही मंडी में किसानों का गेहूं खुले में पड़ा है जिस पर शुक्रवार शाम को हुई बारिश का भी असर पड़ा। धूप निकलने के बाद किसान अपने गेहूं को सुखाने में जुटे रहे। इसी बीच डीसी साहिल गुप्ता द्वारा जारी आदेशों के अनुसार भिवानी, लोहारू, तोशाम और सिवानी में संबंधित एसडीएम को निगरानी कमेटियों का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा विभिन्न खरीद केंद्रों पर भी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जूई परचेज सेंटर पर बीडीपीओ कैरू, बहल के लिए नायब तहसीलदार बहल, ढिगावा के लिए नायब तहसीलदार लोहारू, बवानीखेड़ा के लिए नायब तहसीलदार बवानीखेड़ा, चांग के लिए बीडीपीओ भिवानी, धनाना के लिए तहसीलदार भिवानी, खरक कला के लिए नायब तहसीलदार भिवानी, कुंगड़ के लिए बीडीपीओ बवानीखेड़ा और पटोदी परचेज केंद्र के लिए नायब तहसीलदार तोशाम को निगरानी कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
निगरानी कमेटी के अध्यक्ष के साथ-साथ मार्केट कमेटी के सचिव, खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी, परचेज एजेंसी का निरीक्षक और संबंधित थाना प्रभारी/पुलिस अधिकारी को भी सदस्य बनाया गया है। डीसी ने निर्देश दिए हैं कि सरसों की खरीद सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित की जाए तथा स्टॉक का पूरा रिकॉर्ड मेंटेन किया जाए। सरसों की खरीद ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण के आधार पर ही होगी।
इसलिए किया निगरानी कमेटियों का गठन
यह पाया गया है कि आरएमएस 2026 के दौरान जिले की मंडियों में सरसों की आवक आरएमएस 2025 की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। इससे यह संभावना बनती है कि सरसों सीधे बिचौलियों को बेची जा रही है। प्रचलित बाजार दरों के एमएसपी से अधिक होने के कारण निर्धारित बाजार शुल्क जमा किए बिना उपज का भंडारण किया जा रहा है। सरसों की जमाखोरी का पता लगाने और बाजार शुल्क की चोरी रोकने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम गठित की गई है।
तोशाम में खरीद प्रबंधों का नायब तहसीलदार ने लिया जायजा
अनाज मिल का भी किया निरीक्षण, रिकॉर्ड की जांच
तोशाम। नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने शनिवार को अनाज मंडी तोशाम के अलावा खरीद केंद्र पटौदी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जूई रोड पर स्थित एक अनाज मिल का भी निरीक्षण कर रिकॉर्ड जांचा। उन्होंने मंडी और खरीद केंद्र में अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में किसानों की सुविधा सर्वोपरि होनी चाहिए। इस दौरान मार्केट कमेटी सचिव सुदेश श्योराण मौजूद रही।
निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार ने अनाज भंडारण व्यवस्था, वेट मशीनों के संचालन और खरीद से संबंधित बारीकियों की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अनाज का सही वजन और पारदर्शी खरीद सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों के लिए बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। गेट पर लगे कैमरे, तुलाई मशीन और किसान सहायता केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान देते हुए आवश्यक निर्देश दिए और आढ़तियों से बातचीत की। नायब तहसीलदार ने खरीद एजेंसियों को गेहूं खरीद, उठान और बारदाना की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से फसल सुखाकर मंडी में लाने की अपील की तथा वाहनों पर पंजीकरण नंबर स्पष्ट लिखने की सलाह दी। इस मौके पर कानूनगो राजेन्द्र जाखड़, मार्केट कमेटी से ऑक्शन रिकॉर्डर दर्शन, स्टेनो मंदीप पंघाल उपस्थित रहे।
ढिगावा मंडी में गेहूं की आवक शुरू
ढिगावा मंडी। मौसम साफ होते ही ढिगावा मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो गई। चौथे दिन 2500 क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंचा। मंडी सचिव विवेक पंघाल ने बताया कि किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी और सरकार किसानों के एक-एक दाने की खरीद के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से साफ-सुथरा गेहूं मंडी में लाने की अपील की। उन्होंने बताया कि 12 प्रतिशत तक नमी वाला गेहूं 2585 रुपये में खरीदा जाएगा। मंडी में किसानों के लिए तीन किसान हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं तथा बायोमेट्रिक के लिए पीओएस मशीन लगाई गई है। सरकार के निर्देशानुसार किसान स्वयं अपनी फसल बेच सकता है तथा ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर तीन अन्य लोगों को अधिकृत भी कर सकता है।