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भिवानी मेडिकल कॉलेज: पेट रोग विशेषज्ञ न होने से मरीज बेहाल, जांच के लिए हफ्ते भर का इंतजार!

भिवानी के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी। पेट रोग विशेषज्ञ न होने से मरीज परेशान, अल्ट्रासाउंड के लिए मिल रही लंबी वेटिंग।

 

भिवानी। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों और राजकीय अस्पतालों में लंबे अर्से से चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। इस कारण कई जगह पर तो सामान्य चिकित्सक ही चिकित्सा विशेषज्ञों की ओपीडी देख रहे हैं। शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी पेट रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में आने वाले पेट संबंधी रोगों के मरीजों को सामान्य रोग विशेषज्ञ से इलाज करवाना पड़ रहा है। वहीं, पेट संबंधी गंभीर बीमारियों के मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है।

ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 120 मरीज पेट संबंधी रोगों को लेकर जांच करवाने के लिए आते हैं। इसमें से पेट संबंधी सामान्य लक्षण जैसे पेट में संक्रमण, पथरी, लीवर में सूजन जैसी बीमारियों का तो सामान्य रोग विशेषज्ञ ही इलाज कर देते हैं। लेकिन पेट रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण पेट संबंधी गंभीर बीमारियों के मरीजों को बाहर रेफर करना पड़ रहा है। इसके अलावा पेट की जांच करने के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्र की स्थिति भी दयनीय हालात में है। जांच के लिए दो मशीनें हैं। लेकिन एक रेडियोलॉजिस्ट होने के चलते समस्या हो रही है। मरीजों को पांच दिन से एक सप्ताह तक का समय देकर बुलाया जा रहा है। इसके अलावा पेट संबंधी अन्य जांंच अभी अस्पताल में नहीं है।

पिछले दो-तीन दिन से पेट में दर्द हो रहा था। मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा रही थी। लेकिन ज्यादा आराम महसूस नहीं हो रहा था। मेडिकल कॉलेज में दिखाने के लिए आई थी। यहां पेट रोग विशेषज्ञ तो नहीं हैं लेकिन सामान्य चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच करवाने के लिए बोला है। यहां भीड़ ज्यादा है, आज नंबर नहीं आएगा इसलिए निजी केंद्र से जांच करवाने जा रही हूं।

पथरी की समस्या है। गुर्दे में तीन एमएम की पथरी है। हर बीस दिन बाद अचानक से दर्द होने के साथ ही पेशाब में जलन शुरू हो जाती है। इसलिए यहां जांच के लिए आया हूं। लेकिन पेट रोग व यूरोलॉजी विशेषज्ञ यहां नहीं हैं। इसलिए अब दवा तो ले ली। लेकिन अच्छी तरह से इलाज के लिए निजी अस्पताल में ही जांच करवानी पड़ेगी।

चिकित्सकों की मांग भेज रखी है। इसमें पेट रोग विशेषज्ञ की भी मांग भेजी गई है। लेकिन फिलहाल सामान्य रोग विशेषज्ञ ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मरीजों को इलाज प्रभावित नहीं हो रहा है।