{"vars":{"id": "123258:4912"}}

भिवानी मेडिकल कॉलेज: पेट रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें

भिवानी के मेडिकल कॉलेज में पेट रोग विशेषज्ञ का पद खाली, मरीजों को होना पड़ रहा रेफर। रेडियोलॉजिस्ट की कमी से अल्ट्रासाउंड के लिए मिल रहा लंबा इंतजार।

 

भिवानी। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों और राजकीय अस्पतालों में लंबे समय से चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। इसका असर मरीजों के उपचार पर पड़ रहा है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी पेट रोग विशेषज्ञ का पद खाली होने के कारण मरीजों का इलाज सामान्य रोग विशेषज्ञ कर रहे हैं। वहीं पेट संबंधी गंभीर बीमारियों के मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर करना पड़ रहा है।

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज पेट संबंधी बीमारियों की जांच और उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें पेट में संक्रमण, पथरी और लीवर में सूजन जैसी सामान्य समस्याओं का उपचार सामान्य रोग विशेषज्ञ कर देते हैं। हालांकि पेट रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। पेट रोगियों की जांच व्यवस्था भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए दो मशीनें उपलब्ध हैं। बावजूद इसके केवल एक रेडियोलॉजिस्ट होने से जांच कार्य प्रभावित हो रहा है। मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए पांच दिन से एक सप्ताह बाद का समय दिया जा रहा है। इसके अलावा पेट संबंधी अन्य विशेष जांचों की सुविधा भी फिलहाल अस्पताल में उपलब्ध नहीं है।

मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग के प्रभारी डॉ. राजेश ने बताया कि चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग को मांग भेजी गई है जिसमें पेट रोग विशेषज्ञ का पद भी शामिल है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उपलब्ध संसाधनों के अनुसार मरीजों का उपचार किया जा रहा है और इलाज प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है।