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Bhiwani News: डी.ए.वी. शताब्दी पब्लिक स्कूल भिवानी में वार्षिक उत्सव की धूम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा सबका मन

भिवानी के डी.ए.वी. शताब्दी पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
 

Bhiwani: डी.ए.वी. शताब्दी पब्लिक विद्यालय भिवानी के प्रांगण में वार्षिक उत्सव उड़ान-2026 वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ विद्यालय के अध्यापकवृन्द द्वारा डी.ए.वी. गान के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय अनिल राव पूर्व आईजी उपप्रधान डी.ए.वी. काॅलेज मैनेजिंग कमैटी, नई दिल्ली ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के रिजिनल आॅफिसर श्रीमती सुनीता बहल ने की। कार्यक्रम के निरीक्षक व मार्ग निर्देशक के रूप में विद्यालय के मैनेजर श्री अजय एलावादी जी ने यथासंभव अपनी पारदर्शिता को दर्शाया। विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम को साकार रूप प्रदान करने के लिए उपस्थित गणमान्य जन जिनमें लोकल मैनिजिंग कमेटी के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेम प्रकाश अग्रवाल, श्री दर्शन चन्द मिढ़ा, श्री दीनानाथ नामगपाल, श्री हनुमान कौशिक, श्री योगेन्द्र नाथ, श्री रामअवतार शर्मा, अध्यक्ष प्राईवेट स्कूल एसोसियशन हरियाणा, श्री कर्मबीर यादव पार्षद, संदीप दुहन, पत्रकार महोदय दीपक शर्मा, राजेश जांगड़ा, मनीष कुमार, नरेन्द्र, व मिन्टू सैनी, आदि का विद्यालय परिवार ने पुष्पगुच्छ द्वारा स्वागत व सत्कार किया। अवगत करवाना चाहते है कि विद्यालय के वार्षिक उत्सव का मुख्य उद्देश्य विभिन्नता में एकता प्रदर्शित बच्चों में परस्पर सहयोग व सद्भावना का संदेश देना था। मंच का संचालन विद्यालय अध्यापिका अमिता परूथी द्वारा किया गया। चीफ आॅफिसर राजेश कुमार मुखी ने बताया कि विद्यालय के कक्षा नर्सरी से लेकर नौवीं के छात्रों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिनमें हरियाणवी नृत्य, लघुनाटिका नशे का शिकार पूरा परिवार, पंजाबी नृत्य, नाटक एक नई सोच एक नया भारत- आर्यसमाज, डीएवी सर्कस प्रस्तुति, एनसीसी कैड्टस का डम्बल और लेजियम नृत्य, स्वागत नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गई।

विद्यालय के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर उच्च स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कार प्रदान किये गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनिल राव पूर्व आईजी उपप्रधान डी.ए.वी. काॅलेज मैनेजिंग कमैटी, नई दिल्ली ने सम्मानजनक और प्रेरक उद्बोधन में डीएवी शताब्दी पब्लिक स्कूल कोंट रोड़ में कहा कि उन्होंने डीएवी संस्था की महत्ता और इसके मूल्यों की प्रशंसा की है, जो लोगों की सेवा और बच्चों को संस्कारित करने पर केंद्रित है। डीएवी संस्था लोगों की सेवा के लिए बनी है। यहां बच्चों को यज्ञ करने का और माता-पिता की सेवा का संस्कार दिया जाता है। आज के युग में डीएवी जैसी संस्थाएं संस्कारों की शिक्षा प्रदान करती हैं। यह वक्तव्य डीएवी संस्था के मिशन और मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है, जो शिक्षा, संस्कार, और सेवा पर केंद्रित है। अपने शब्दों द्वारा बच्चों को गुगल का प्रयोग अपनी यथासंभव तार्किक शक्ति से प्रयोग करने का संदेश दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन नीतू मेहता व अन्य अध्यापाकों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के रिजिनल आॅफिसर श्रीमती सुनीता बहल ने कहा कि हमारे शिक्षकों ने विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और मूल्यों को पोषित किया है, जो हमारी संस्कृति की विशेषता है। मैनेजर अजय एलावादी ने छात्रों में शिक्षा के साथ -साथ संस्कारों पर भी बल दिया और अभिभावकों से अपील की वो अपने बच्चों के सर्वागीण विकास के अपना बहुमूल्य समय दें। आर्य समाज के सिद्धांतों को डीएवी स्कूल में लागू करने से हमारे बच्चे सत्य, ज्ञान और सेवा के मार्ग पर चलते हैं। हमारा उद्देश्य बच्चों को उच्च आदर्शों वाले नागरिक बनाना है। श्री दर्शन लाल मिड्डा जी, सेवानिवृत्त जिला कोच ने कहा डीएवी संस्कृति की सराहना करता हूँ। यहाँ के बच्चे न केवल शिक्षा प्राप्त करते हैं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और मूल्यों की शिक्षा भी प्राप्त करते हैं। यह डीएवी की विशेषता है। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों और विशेष उपलब्धि प्राप्त प्रतिभावान छात्र-छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विकास नागपाल, मेहन्द्र परूथी, राजबाला अग्रवाल, दीपा मुखी, मोनिका शर्मा ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम में विद्यालय प्राचार्या जगदीप कौर ने आए हुए सभी मेहमानों का कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने व सार्थक रूप प्रदान करने के लिए धन्यवाद किया व छात्रों के साथ-साथ विद्यालय के वार्षिक उत्सव को सफल बनाने मे अहम् भूमिका निभाने वाले सभी पत्राकार बन्धु, अध्यापक व अभिभावकों का भी धन्यवाद किया। प्राचार्या महोदया ने कहा कि सभी शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक सदस्यों का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि मुझे गर्व है ऐसे अध्यापकों व सहयोगियों की सेना का प्रतिनिधित्व कर रही हूँ जो हर क्षेत्र में पारंगत है। अतं में शान्ति पाठ द्वारा कार्यक्रम का समापन किया गया।