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भिवानी रेलवे स्टेशन विस्तार: दुर्गा कॉलोनी की 15 दुकानें होंगी ध्वस्त, रोजगार का संकट!

भिवानी में अमृत भारत योजना के दूसरे चरण का काम शुरू। स्टेशन विस्तार की जद में आईं दुर्गा कॉलोनी की 15 मीट दुकानें। प्लेटफॉर्म 4-5 और नए गेट के लिए हटेगा अतिक्रमण।

 

भिवानी। अमृत भारत योजना द्वितीय के तहत रेलवे स्टेशन के बचे हुए हिस्से का नवीनीकरण कार्य शुरू हो गया है। इसी के चलते दुर्गा कॉलोनी में बनी मीट की 15 दुकानें रेलवे की जमीन में आने के कारण तोड़ी जाएंगी। इससे करीब एक दशक से दुकानदारी कर अपनी आजीविका चला रहे दुकानदारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।

रेलवे स्टेशन के द्वितीय चरण में रेलवे लाइनों के दोहरीकरण के साथ स्टेशन का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए रेलवे ने करीब तीन साल पहले अपनी जमीन की निशानदेही करते हुए पत्थर लगाए थे। इन्हीं पत्थरों के आधार पर अब यह स्पष्ट हुआ है कि दुर्गा कॉलोनी की कुछ दुकानें रेलवे क्षेत्र में आ रही हैं जिन्हें हटाया जाएगा। योजना के तहत रेलवे स्टेशन पर दो नए प्लेटफार्म नंबर चार और पांच बनाए जाएंगे।

इसके अलावा दुर्गा कॉलोनी की तरफ जीतूवाला जोहड़ तथा तोशाम क्षेत्र से आने वाले करीब 20 गांवों के लोगों की सुविधा के लिए नया गेट लगाया जाएगा। इस गेट के बनने से इस दिशा से आने वाले यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने के लिए करीब दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। साथ ही इस ओर वाहन पार्किंग और नई टिकट खिड़की भी बनाई जाएगी। इन सभी कार्यों के चलते स्टेशन का विस्तार दुर्गा कॉलोनी की दिशा में किया जाएगा। फिलहाल द्वितीय चरण में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।

तीन साल पहले रेलवे द्वारा जमीन की निशानदेही के लिए लगाए गए थे पत्थर अमृत भारत योजना के प्रथम चरण के दौरान रेलवे ने करीब तीन साल पहले दुर्गा कॉलोनी की ओर अपनी जमीन को अधिकृत करने के लिए पत्थर लगाए थे। अब रोहतक-भिवानी और भिवानी-हांसी रेलवे लाइन के दोहरीकरण तथा नए प्लेटफार्म निर्माण के चलते इस जमीन को खाली करवाया जाएगा। इससे करीब दस साल से अधिक समय से यहां दुकानदारी कर रहे लोगों का कामकाज बंद होने की आशंका है।


दुर्गा कॉलोनी में रेलवे द्वारा करीब तीन साल पहले अपनी जमीन की निशानदेही के लिए पत्थर लगाए गए थे। पत्थर हमारी दुकानों के बाहर लगाए गए हैं। हम यहां करीब दस साल से दुकानदारी कर रहे हैं। हमारी आजीविका दुकानों पर ही निर्भर है। ऐसे में रेलवे उन्हें रियायत देते हुए दुकानों के सामने दस फीट तक जगह खाली छोड़े ताकि हमारी आजीविका चलती रहे।


रेलवे द्वारा लगाए गए पत्थरों के हिसाब से हमारी दुकानें तोड़ी जाएंगी। दुकानें बंद होने से हमारी आजीविका का कोई साधन नहीं बचेगा। इसलिए रेलवे से हमारी गुजारिश है कि हमारी दुकानों को न तोड़ा जाए ताकि हमारा रोजगार बना रहे।

मैं दुर्गा कॉलोनी का रहने वाला हूं। रेलवे द्वारा हमारी गली के सामने पत्थर लगाया गया है। ऐसे में हमारी गली का रेलवे स्टेशन की तरफ का रास्ता बंद हो जाएगा। रास्ता बंद होने पर हमें बाजार जाने के लिए करीब दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा जिससे परेशानी होगी।

मैं दुर्गा कॉलोनी में दुकानदारी कर अपनी आजीविका चलाता हूं। रेलवे स्टेशन के विस्तार से हमारी दुकानें बंद हो जाएंगी। दुकानें बंद होने पर हम बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए प्रशासन से मांग है कि हमारी दुकानों को न तोड़ा जाए।

रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। नए प्लेटफार्म निर्माण के साथ दुर्गा कॉलोनी की तरफ स्टेशन का नया गेट लगाया जाएगा। स्टेशन विस्तार के लिए रेलवे द्वारा दुकानों के आसपास पहले ही निशानदेही करवाई जा चुकी है। आगे की कार्रवाई रेलवे द्वारा की जाएगी।