Amrit Bharat Station Scheme Bhiwani: भिवानी स्टेशन पर सोलर प्लांट और 12 मीटर चौड़ा FOB, जानें नई सुविधाएं
भिवानी। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भिवानी रेलवे स्टेशन का 16.68 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा पुनर्विकास कार्य करीब 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है। शनिवार को बीकानेर मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल ने स्टेशन का निरीक्षण कर पुनर्विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संरक्षित रेल संचालन और यात्री सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
डीआरएम ने बताया कि पहले चरण में स्टेशन भवन में सुधार, अलग प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग सुविधा तथा नए टॉयलेट ब्लॉक बनाए गए हैं। स्टेशन के सुंदरीकरण के लिए एलईडी लाइटिंग और आकर्षक आर्टवर्क का इस्तेमाल किया गया है। दिव्यांगजनों की सुगम पहुंच के लिए साइनेज लगाए गए हैं। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 18 लाख रुपये की लागत से 40 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है।
यात्री सूचना प्रणाली में सुधार के लिए कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड और डिजिटल क्लॉक लगाए गए हैं। स्टेशन पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज का निर्माण जारी है। इसकी अनुमानित लागत 7.01 करोड़ रुपये है और 30 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक जयप्रकाश, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) आदित्य लेघा, वरिष्ठ मंडल मैकेनिकल इंजीनियर मुकेश यादव, सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक होशियार सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर विष्णु चौधरी, वाणिज्य निरीक्षक गौतम जांगड़ा और मूवमेंट इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह मौजूद रहे।
संरक्षित रेल संचालन पर जोर
मंडल रेल प्रबंधक ने सुरक्षा सेमिनार में अधिकारियों और कर्मचारियों को संरक्षित रेल संचालन के लिए दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने लोको पायलटों को लाल सिग्नल पार नहीं करने और सिग्नल पासिंग एट डेंजर से बचने के लिए सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोको कॉलोनी, वाशिंग लाइन और पिट लाइन का भी निरीक्षण किया। साफ-सफाई और तकनीकी मानकों के रखरखाव पर विशेष जोर दिया।
स्टेशन पर स्थानीय विरासत का मिलेगा अनुभव
मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि स्टेशन के पुनर्विकास में स्थानीय कला और संस्कृति को भी स्थान दिया गया है। इससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय विरासत का अनुभव मिलेगा। योजना से आवागमन सुगम होने के साथ व्यापारी वर्ग, कारीगरों और श्रमिकों को लाभ मिलेगा। स्टेशन के विकास से क्षेत्र में पर्यटन, हस्तशिल्प और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास होगा।