Haryana Sanitation Strike News: भिवानी में सफाई व्यवस्था ठप, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर अड़े कर्मी
भिवानी। नगर परिषद और अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार को सफाई कर्मचारियों ने 13 मई के समझौते को लागू नहीं करने के विरोध में रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय के गेट पर सरकार का पुतला फूंका और नारेबाजी की। छह अगस्त से जारी अनिश्चित हड़ताल के चलते मुख्य रास्तों पर जमा कचरे से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।
नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव और अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान अजय श्योराण ने बताया कि राज्य सरकार ने 13 मई को कर्मचारी संगठनों के साथ हुए समझौते में कर्मचारियों की 22 मांगों में से 17 मांगों को संवैधानिक रूप से स्वीकार कर 30 जून तक लागू करने का वादा किया था। जून और जुलाई बीतने के बाद भी स्वीकृत मांगें लागू नहीं की गईं।
इनमें दोनों विभागों के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, पांच हजार रुपये जोखिम भत्ता, 7500 रुपये वर्दी भत्ता, अग्निशमन के दो शहीद कर्मचारियों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और दोनों परिवारों के आश्रितों को स्थायी नौकरी देना शामिल है। उन्होंने बताया कि काफी इंतजार के बाद कर्मचारियों को छह अगस्त से दोबारा हड़ताल करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनका आरोप है कि सरकार बातचीत कर मांगें मानने के बजाय शहरों और कस्बों में प्रशासन व पुलिस को लगाकर कूड़ा उठवाने की कार्रवाई कर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। हालांकि शहर में अब भी कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
प्रशासन की ओर से हड़ताल के चलते प्रभावित सफाई व्यवस्था को संभालने के लिए भिवानी-हांसी रोड पर राजकीय आईटीआई के सामने समेत तीन स्थानों से कचरा उठवाया गया। इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुमेर आर्य, पूर्व प्रधान सुखदर्शन सरोहा, किसान सभा के जिला उपप्रधान कामरेड ओम प्रकाश और सीटू नेता सुखदेव पालवास ने हरियाणा सरकार की कड़ी निंदा की। इस अवसर पर नगर पालिका जिला प्रधान जयहिंद, सज्जन सिंगला, प्रवीन वाल्मीकि, गौरव शर्मा, रमेश बाल्माकि, प्रवीन पूनिया, अग्निशमन नेता नरेन्द्र, गोविन्द, शेर सिंह, मालती और सुमित्रा मौजूद रहे।