Meri Fasal Mera Byora Update: खरीफ-2026 पोर्टल पर पंजीकृत फसलों का सत्यापन शुरू, किसानों को मिलेगा लाभ
एसडीएम संदीप कुमार ने सागबन, बजीना और ढाणी माहू गांवों में मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर लेट पंजीकरण कराने वाली फसलों के भौतिक सत्यापन कार्य का निरीक्षण किया।
भिवानी के एसडीएम संदीप कुमार ने शनिवार को सागबन, बजीना और ढाणी माहू गांवों का दौरा कर राजस्व विभाग के पटवारियों द्वारा किए जा रहे फसल सत्यापन कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। खरीफ-2026 सीजन के तहत निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद अब पोर्टल पर विशेष रूप से पंजीकृत फसलों का घर-घर और जमीनी स्तर पर सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि किसी भी पात्र किसान को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े।
📋 विलंब से पंजीकरण कराने वाले किसानों को मिला मौका: डीसी साहिल गुप्ता के निर्देश पर चला विशेष अभियान
उपायुक्त (डीसी) साहिल गुप्ता के विशेष निर्देशों के तहत उन सभी किसानों को फसल पंजीकरण कराने का एक और सुनहरा अवसर प्रदान किया गया था, जो तय समय-सीमा के भीतर 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे। ऐसे जरूरतमंद किसानों ने 21 से 27 सितंबर तक पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण कराया था, जिसके बाद अब संबंधित सरकारी महकमे द्वारा इन सभी फसलों का जमीनी स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों का पंजीकरण समय पर नहीं हुआ था, उन्होंने उपमंडल अधिकारी (नागरिक) के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत किए थे।
🔍 दावों का सत्यापन और ई-खरीद पोर्टल पर डेटा शेयरिंग: भावांतर भरपाई योजना का मिलेगा लाभ
किसानों द्वारा दिए गए इन आवेदनों में संबंधित भूमि का पूरा विवरण, खेवट व खसरा नंबर तथा खेत में बोई गई फसल की सटीक जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। इन्हीं प्राप्त आवेदनों के आधार पर निर्धारित नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत दावों का सही सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन की यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों के अनुमानित उत्पादन (ल्ड) से जुड़ी जानकारी तैयार कर सीधे ई-खरीद पोर्टल के साथ साझा की जा रही है, जिससे पात्र किसान अपनी उपज को सुगमता से खरीद प्रक्रिया में शामिल करवा सकें। इसके साथ ही, फसल बीमा कंपनी और 'भावांतर भरपाई योजना' के बेहतर क्रियान्वयन में भी किसी प्रकार की तकनीकी या कागजी परेशानी नहीं आएगी।