Bhiwani Sewerage Project Update: भिवानी में ₹34.50 करोड़ की सीवर योजना पर ब्रेक, दूसरी बार भी टेंडर हुए निरस्त
भिवानी। करोड़ों रुपये का बजट आवंटित होने के बावजूद शहर की सीवर समस्या के समाधान की परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने दूसरी बार टेंडर खोले तो सिर्फ एक एजेंसी ने रुचि दिखाई। नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर विभाग ने अब टेंडर रिकॉल करने का फैसला लिया है।
ऐसे में शहरवासियों को नई सीवर लाइन और सीवर व्यवस्था में सुधार के लिए नवंबर तक इंतजार करना पड़ सकता है। शहर की सीवर व्यवस्था मजबूत करने के लिए करीब 34.50 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है। इसके तहत दो चरणों में काम कराया जाएगा। पहले चरण में करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से शहर में लगभग 23 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। दूसरे चरण में करीब 13.50 करोड़ रुपये से दादरी रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
नई सीवर लाइन बिछाने के काम का पहला टेंडर 14 जुलाई को खोला गया था। इसमें किसी एजेंसी ने रुचि नहीं दिखाई। वहीं दादरी रोड एसटीपी के नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण का टेंडर 16 जुलाई को खोला गया था। इसमें भी एजेंसी के मानदंड पूरे नहीं हो सके। इसके बाद विभाग ने 19 अगस्त को दोबारा टेंडर खोले। इस बार एक एजेंसी ने रुचि दिखाई लेकिन नियमानुसार काम आवंटित करने के लिए कम से कम तीन एजेंसियों का होना जरूरी है। लिहाजा विभाग को टेंडर रिकॉल करने पड़े।
विभाग अब 21 कार्य दिवस के बाद फिर से टेंडर लगाएगा। अधिकारियों के अनुसार शहरी क्षेत्र में संकरी जगहों पर सीवर लाइन बदलने का काम जोखिम भरा होने के कारण एजेंसियां रुचि नहीं दिखा रही हैं। तीसरी बार भी यदि 34 करोड़ रुपये की परियोजना में कोई एजेंसी काम के लिए आगे नहीं आती है तो सीवर लाइन का इंतजार और लंबा हो सकता है। मानसून के दौरान काम और टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाना भी संभव नहीं होगा।
करीब दो किलोमीटर खुले बरसाती नालों को पाइप लाइन में बदलने का सर्वे पूरा
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने रोहतक गेट के अग्रसेन चौक से दादरी गेट ढाणा रोड तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में खुले बरसाती नालों को पाइप लाइन में बदलने के काम का सर्वेक्षण कराया है। इस हिस्से में बारिश के दौरान सबसे अधिक जलभराव होता है। जलभराव से स्थायी निजात दिलाने के लिए खुले नालों को पाइप लाइन में बदलने का खाका तैयार किया जा रहा है।
अभी इसकी प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू हुई है। हर साल जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग खुले नालों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च करता है। इसके बावजूद बारिश के दौरान नाले दोबारा भर जाते हैं और जलभराव की समस्या बनी रहती है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने शहरी दायरे में सीवर लाइन और एसटीपी सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए पहले 14 और 16 जुलाई को टेंडर खोले थे। इसके बाद 19 अगस्त को दूसरी बार टेंडर खोले गए। दूसरी बार सिर्फ एक एजेंसी आई है। सरकार के नियमों के अनुसार काम अलॉट के लिए कम से कम तीन एजेंसियों का होना अनिवार्य है। इसलिए टेंडर रिकॉल किए जाएंगे।