{"vars":{"id": "123258:4912"}}

भिवानी: 34.5 करोड़ की सीवर परियोजना जल्द, 14-16 जुलाई को खुलेंगे टेंडर

भिवानी की सीवर व्यवस्था को सुधारने के लिए 34.5 करोड़ की परियोजना। 14 और 16 जुलाई को खुलेंगे टेंडर। डिस्पोजल की क्षमता 9 से बढ़कर 21 MLD होगी। जानें पूरा अपडेट।

 

भिवानी। शहर की सीवर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब साढ़े 34 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत 14 और 16 जुलाई को दो अहम टेंडर खोले जाएंगे। हालांकि टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद नई सीवर लाइन बिछाने और पुराने डिस्पोजल के जीर्णोद्धार का काम मानसून के बाद ही शुरू हो सकेगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करीब एक माह बाद वर्क ऑर्डर जारी करेगा। परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से शहर में लगभग 23 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। दूसरे चरण में देवसर चुंगी स्थित पुराने डिस्पोजल का साढ़े 13 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाएगा।

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने शहरी क्षेत्र की सीवर व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। शहर में नई सीवर लाइन बिछाने के कार्य का टेंडर 14 जुलाई को खोला जाएगा जबकि पुराने डिस्पोजल के नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण का टेंडर 16 जुलाई को खुलेगा। पुराने डिस्पोजल की वर्तमान क्षमता 9 एमएलडी है जिसे अपग्रेड कर 21 एमएलडी किया जाएगा। इससे पुराने शहर के दूषित पानी की निकासी के साथ बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी के दबाव को भी आसानी से संभाला जा सकेगा।

डिस्पोजल के नवीनीकरण के तहत नई पंपिंग मशीनरी लगाने के साथ नया टैंक भी बनाया जाएगा। इसके अलावा बरसाती पानी की निकासी के लिए अलग टैंक तैयार किया जाएगा। वहीं सीवर सुदृढ़ीकरण के दूसरे हिस्से में नई सीवर लाइन बिछाने, पुराने सीवर मैनहोल बदलने और पंपिंग स्टेशनों की मशीनरी को अपग्रेड करने का कार्य भी कराया जाएगा।

मानसून में ठप सीवर वाले इलाकों में बिगड़ेंगे हालात
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग समय रहते शहर में सीवर लाइन सुदृढ़ीकरण का काम शुरू नहीं करा पाया। इसका असर इस मानसून में भी उन इलाकों पर पड़ेगा जहां सीवर लाइनें जर्जर हैं। बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी रह सकती है। यदि यह कार्य मानसून से पहले पूरा हो जाता तो इन इलाकों में काफी राहत मिल सकती थी। इसके अलावा शहर के कुछ हिस्सों में सीवर लाइन स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त है। इनकी मरम्मत के लिए विभाग अलग से टेंडर जारी करेगा जिसकी मंजूरी अभी नहीं मिल पाई है।

मानसून की दस्तक के बाद 80 फीसदी नालों की ही हुई सफाई
शहर में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अपने अधिकार क्षेत्र के मुख्य बरसाती नालों की सफाई करा रहा है। अब तक करीब 80 फीसदी नालों की ही सफाई हो सकी है जबकि यह कार्य मानसून से पहले पूरा होना चाहिए था। अब बारिश शुरू होने के बाद नालों की सफाई का अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि सफाई के बाद बाहर निकाली गई गंदगी दोबारा नालों में पहुंचने की आशंका है। कई स्थानों पर नालों से निकाली गई गाद और कचरा किनारों पर ही छोड़ दिया गया है जिससे बारिश के दौरान इसके फिर नालों में बहकर जाने की संभावना बनी हुई है।

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से कराए गए दो टेंडर 14 और 16 जुलाई को खोले जाएंगे। इसमें नई सीवर लाइन का टेंडर 14 जुलाई को खुलेगा जबकि 16 जुलाई को डिस्पोजल सुदृढ़ीकरण कार्य का टेंडर खोला जाएगा। करीब एक माह बाद इनके वर्क ऑर्डर जारी किए जाएंगे। ये दोनों ही काम मानसून बीतने के बाद शुरू होंगे। इस अवधि के दौरान विभाग जिन हिस्सों में सीवर को लेकर ज्यादा समस्या है वहां वैकल्पिक प्रबंध कराए गए हैं।