Accused Rishabh Mehta News: गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद पिता के हत्यारोपी की संदिग्ध मौत, सिविल अस्पताल में तोड़ा दम
हरियाणा के गुरुग्राम स्थित भोंडसी जेल में पिता की हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत में बंद 46 वर्षीय विचाराधीन कैदी की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। मृतक कैदी पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहा था और उसे पहले जेल अस्पताल तथा बाद में गंभीर हालत में सेक्टर-10 सिविल अस्पताल रेफर किया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही भोंडसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। मंगलवार को मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड के माध्यम से मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
🔪 साल 2019 का बहुचर्चित हत्याकांड: लक्ष्मी गार्डन में पिता की चाकू गोदकर की गई थी हत्या
घटना की पृष्ठभूमि और पारिवारिक विवाद:
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वारदात का दिन: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2019 में गुरुग्राम के शिवाजी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लक्ष्मी गार्डन इलाके में सुशील मेहता की उनके ही बड़े बेटे ऋषभ मेहता ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी थी।
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मानसिक स्थिति और भ्रम: जांच में सामने आया था कि आरोपी ऋषभ मानसिक रूप से परेशान चल रहा था और उसे यह गंभीर भ्रम हो गया था कि उसके माता-पिता उससे प्यार नहीं करते तथा उसके छोटे भाई मयंक को ज्यादा चाहते हैं।
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काला जादू का शक: आरोपी को यह भी अंधविश्वास और भ्रम था कि उसके माता-पिता ने उस पर काला जादू करवा रखा है। इसी सनक के चलते उसने अपने पिता सुशील मेहता पर चाकू से कई वार किए, जिससे गर्दन पर गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
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मां और भाई पर भी किया था हमला: बीच-ब बचाव करने जब उसकी मां चंदर मेहता और छोटा भाई मयंक आए, तो आरोपी ने उन पर भी जानलेवा हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके बाद शिवाजी नगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी ऋषभ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और वह तभी से जेल में बंद था।
📉 जेल में अचानक बिगड़ी तबीयत; अस्पताल पहुंचने से पहले कैदी ने तोड़ा दम
बीमारी और इलाज के दौरान मौत का घटनाक्रम:
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अचानक तबियत बिगड़ना: पुलिस के मुताबिक, गत 2 नवंबर की सुबह करीब सवा 10 बजे भोंडसी जेल के भीतर ऋषभ मेहता की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई।
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अस्पताल में रेफर: जेल प्रशासन द्वारा उसे तुरंत जेल के भीतर बने अस्पताल में ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एंबुलेंस से सेक्टर-10 सिविल अस्पताल भेज दिया गया।
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डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित: सिविल अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।
🔍 पुलिस कार्रवाई और मजिस्ट्रेट जांच; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच:
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पुलिस की मौजूदगी: सूचना मिलते ही भोंडसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।
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वैधानिक जांच: चूंकि मामला जेल के अंदर बंद विचाराधीन कैदी की मौत से जुड़ा है, इसलिए कानून के प्रावधानों के तहत मंगलवार को मजिस्ट्रेट की देखरेख में डॉक्टरों के एक मेडिकल बोर्ड द्वारा वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया।
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अंतिम निष्कर्ष: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिसरा और पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद ही कैदी की मौत के वास्तविक कारणों का पुख्ता पता चल सकेगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।