Chandigarh BMS Protest: OPS बहाली और समान काम-समान वेतन को लेकर बीएमएस का प्रदर्शन, पीएम को भेजा ज्ञापन
चंडीगढ़: चंडीगढ़ में मजदूरों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ (BMS) की ओर से सोमवार को "मांग दिवस" मनाया गया. इस दौरान विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारी और मजदूर एकजुट हुए और केंद्र सरकार से उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की.
केंद्र सरकार के नाम सौंपा ज्ञापन: प्रदर्शन के दौरान BMS उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री सोहन लाल गुप्ता विशेष रूप से मौजूद रहे. प्रदर्शन के बाद मजदूरों और कर्मचारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम चंडीगढ़ के उपायुक्त के माध्यम से सौंपा गया. संगठन ने मांगों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की मांग की.
न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये करने की मांग: BMS ने EPF-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को मौजूदा 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रति माह करने की मांग रखी. साथ ही पेंशन को महंगाई भत्ते और आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की मांग की गई. संगठन ने EPF, ESIC और बोनस की गणना में लागू सीलिंग को दोगुना करने की भी मांग की.
OPS बहाली और ग्रेच्युटी में बदलाव की मांग: संगठन ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने और ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन की जगह 30 दिन की सैलरी के आधार पर करने की मांग की. ग्रेच्युटी की सीलिंग हटाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही. BMS ने कहा कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है.
समान काम, समान वेतन पर जोर: प्रदर्शन के दौरान कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों समेत सभी कामगारों के लिए "समान काम, समान वेतन" लागू करने की मांग उठाई गई. संगठन ने महंगाई के अनुरूप न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की.
स्कीम वर्कर्स के मुद्दे भी उठाए: BMS ने आंगनवाड़ी, ASHA, मिड-डे मील, NHM समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कर्मचारियों के लाभ बढ़ाने की मांग की. इसके अलावा बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने और लेबर कोड में कर्मचारियों के हित में जरूरी बदलाव करने की मांग भी रखी गई.
10 साल सेवा वालों को नियमित करने की मांग: संगठन ने कहा कि तय पद पर 10 साल या उससे अधिक की लगातार सेवा पूरी कर चुके कॉन्ट्रैक्ट, अस्थायी और दैनिक वेतन कर्मचारियों को एक बार में नियमित किया जाना चाहिए. BMS ने HEC रांची और 23 राष्ट्रीय टेक्सटाइल मिलों के कर्मचारियों के लंबित मुद्दों के समाधान की भी मांग की.
LIC कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा का मुद्दा: ज्ञापन में LIC के डेवलपमेंट ऑफिसर्स की नौकरी की सुरक्षा बनाए रखने और प्रस्तावित वेतन एवं लाभों में कटौती वापस लेने की मांग भी की गई. BMS का कहना है कि कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े मामलों में सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए.
मजदूरों के हित में समयबद्ध कार्रवाई जरूरी: BMS उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री सोहन लाल गुप्ता ने कहा कि, "मजदूरों की मांगें केवल वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं. सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और रोजगार की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. सरकार को इन मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए."
औद्योगिक शांति के लिए समाधान जरूरी: BMS जिला मंत्री जशवंत सिंह ने कहा कि, "कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान जल्द होना चाहिए. मजदूरों के हितों की अनदेखी से समस्याएं बढ़ती हैं, जबकि समय पर समाधान से औद्योगिक शांति और आर्थिक प्रगति को मजबूती मिलती है. हमारी केंद्र सरकार से मजदूरों और कर्मचारियों से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील है."