हरिद्वार कांवड़ लेने गए चंडीगढ़ के 4 बच्चों की गंगनहर में डूबने से मौत, परिवारों में छाया मातम
हरिद्वार से कांवड़ लेने गए चंडीगढ़ के चार किशोरों की ज्वालापुर में गंगनहर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो इकलौते बेटे थे। जानिए कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा और परिजनों की स्थिति।
चंडीगढ़: हरिद्वार से कांवड़ लाने गए चंडीगढ़ के चार बच्चों की गंगानहर में डूबने से मौत हो गई. चारों बच्चों की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच है, जिनमें से तीन सेक्टर-30/बी के रहने वाले और एक सेक्टर-26 स्थित बापूधाम कॉलोनी का रहने वाला था. इस हादसे की सूचना मिलते ही चारों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. मृतकों में दो बच्चे अपने परिवार के इकलौते थे. सभी बच्चों के परिजन सूचना मिलते ही शव लेने के लिए हरिद्वार निकल गए. यह हादसा ज्वालापुर कोतवाली के समीप जटवाड़ा पुल के समीप नहाते समय हुआ.
मृतकों की पहचान: मृतकों की पहचान सेक्टर-30/बी निवासी भरत उर्फ बिट्टू, नीतिश, शिवांशु और सेक्टर-26 निवासी रोहित के रूप में हुई है. भरत उर्फ बिट्टू सभी बच्चों में सबसे छोटा 16 वर्ष का, जो आठवीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ चुका था. बिट्टू के पिता का स्वर्गवास हो चुका है, उसका एक बड़ा भाई और एक छोटी बहन है. वहीं, दो बहनों का इकलौता भाई नीतिश ग्यारहवीं कक्षा का छात्र था और बारहवीं कक्षा का छात्र शिवांशु भी अपनी बड़ी बहन का इकलौता भाई था. इनके अलावा जान गंवाने वाला एक बच्चा सेक्टर-26 निवासी रोहित बताया गया है.
चारों परिवारों में मातम पसरा: इस हादसे की सूचना मिलते ही परिवारों में मातम पसर गया. सभी बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. आस-पड़ोस के लोग सभी पारिवारिक सदस्यों को हिम्मत-हौसला देने की कोशिश में जुटे हैं.
पीड़ित परिवार हरिद्वार गए: स्थानीय पार्षद तरूणा मेहता और उनके पति यादविंदर मेहता पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बताया कि, "भरत उर्फ बिट्टू की मां समेत अन्य सभी बच्चों के पारिवारिक सदस्य खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं. सभी बच्चों के परिवार हादसे की सूचना मिलने पर हरिद्वार के लिए निकल गए. जबकि बेटे की मौत की खबर से कराहती बिट्टू की मां को पारिवारिक सदस्य साथ नहीं ले जा सके. वह घर पर ही बेटे से मिलवा दो कहते हुए बिलख रही हैं.
कोई तैरना नहीं जानता था: प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो गंगानहर में उतरे सभी बच्चों में से सबसे छोटा भरत उर्फ बिट्टू नहाने के दौरान थोड़ी आगे बढ़ा. लेकिन उसे पानी की गहराई का अंदाजा नहीं था, नतीजतन गहरे गड्ढे में जाने के दौरान वह अचानक अपना संतुलन खो बैठा और डूबने लगा. बिट्टू की छटपटाहट देख अन्य तीनों बच्चों ने उसे बचाने का प्रयास किया. लेकिन इस कोशिश में वे तीनों भी पानी की गहराई में डूब गए. यह है कि चारों बच्चों में से किसी को तैराकी नहीं आती थी. हालांकि, जिस जगह बच्चे पहले नहाने उतरे, वहां पानी सामान्य स्तर पर था. लेकिन इनमें से बिट्टू कुछ आगे बढ़ा तो अचानक गहरे गड्ढे में डूब गया. फिर उसे बचाने के प्रयास में अन्य तीनों बच्चे भी डूब गए, जिससे चारों जान गंवा बैठे. गोताखोरों ने चारों शव ढूंढ लिए हैं, जिन्हें अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है.
युवकों का समूह गया था कांवड़ लेने: पीड़ित परिवारों के पड़ोसी ने बताया कि, "चंडीगढ़ से हरिद्वार कांवड़ लेने के लिए 17 लोगों का एक समूह गया था. चारों बच्चे भी इस समूह का हिस्सा थे. इनमें तीन सेक्टर-30 और एक सेक्टर-26 का रहने वाला था.यह समूह 28 जुलाई को चंडीगढ़ से निकला था और 31 जुलाई को कांवड़ लेकर लौट रहा था. लेकिन ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र स्थित जटवाड़ा पुल के पास चारों बच्चे गंगनहर में नहाने के लिए उतरे, जिस दौरान गहरे गड्ढे में डूबने से उनकी मौत हो गई. परिजन अपने बच्चों का अंतिम संस्कार शनिवार को करेंगे."