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चंडीगढ़: ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बिजली सुधारों पर बैठक

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बिजली सुधारों पर परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। 'शेयर्ड नेटवर्क, मल्टीपल लाइसेंसी' मॉडल पर चर्चा।

 

चंडीगढ़ : देश के बिजली वितरण क्षेत्र में व्यापक सुधारों की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में ऊर्जा मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बिजली क्षेत्र के भविष्य से जुड़े कई अहम विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक का मुख्य एजेंडा प्रारूप बिजली (संशोधन) विधेयक-2025, प्रारूप राष्ट्रीय बिजली नीति-2026 तथा बिजली वितरण व्यवस्था में प्रस्तावित सुधारों पर सांसदों के सुझाव प्राप्त करना था।

बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने बिजली क्षेत्र में सुधारों को लेकर अपने विचार, सुझाव और अनुभव साझा किए। ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बिजली उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए वितरण व्यवस्था में समय के अनुरूप बदलाव आवश्यक हैं।

'शेयर्ड नेटवर्क, मल्टीपल लाइसेंसी' मॉडल पर विशेष चर्चा
बैठक में सबसे अधिक चर्चा प्रस्तावित "शेयर्ड नेटवर्क, मल्टीपल लाइसेंसी"  ढांचे पर हुई। इस मॉडल के तहत एक ही क्षेत्र में बिजली वितरण का मौजूदा नेटवर्क साझा रहेगा, लेकिन उस नेटवर्क पर एक से अधिक बिजली वितरण लाइसेंसधारी कंपनियां उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान कर सकेंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और बिजली वितरण क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। माना जा रहा है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कंपनियां बेहतर सेवाएं देने, शिकायतों का त्वरित समाधान करने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर अधिक ध्यान देंगी।

उपभोक्ता हित होंगे केंद्र में
ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रस्तावित सुधारों का सबसे बड़ा लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है जिसमें उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा गुणवत्ता, पारदर्शी बिलिंग, समय पर बिजली आपूर्ति और प्रभावी शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि वितरण व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, आधुनिक और उपभोक्ता-केंद्रित बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

राष्ट्रीय बिजली नीति-2026 पर भी मंथन
बैठक में प्रारूप राष्ट्रीय बिजली नीति-2026 के विभिन्न प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नीति का उद्देश्य देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी बिजली व्यवस्था तैयार करना है, जो भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो। इसमें वितरण प्रणाली को अधिक सक्षम बनाने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने तथा बिजली क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधारों पर विशेष जोर दिया गया।

सांसदों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
संसदीय परामर्शदात्री समिति के सदस्यों ने विधेयक और नीति के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव रखते हुए कहा कि सुधारों को लागू करते समय राज्यों की भूमिका, उपभोक्ता हितों, बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति और सेवा गुणवत्ता जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। सदस्यों ने यह भी सुझाव दिया कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले सभी पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए ताकि सुधारों का लाभ देशभर के उपभोक्ताओं तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।

आधुनिक और भविष्य के अनुरूप बनेगा बिजली वितरण तंत्र
बैठक में इस बात पर सहमति व्यक्त की गई कि भारत की ऊर्जा आवश्यकताएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में बिजली वितरण व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत, डिजिटल, पारदर्शी और अधिक दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है। स्मार्ट ग्रिड, डिजिटल मॉनिटरिंग, बेहतर उपभोक्ता सेवाएं और प्रतिस्पर्धी वितरण प्रणाली जैसे कदम भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।

सुधारों से बढ़ेगी दक्षता और जवाबदेही
ऊर्जा मंत्रालय का मानना है कि प्रस्तावित सुधारों से बिजली वितरण कंपनियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, सेवा प्रदाताओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी। इससे बिजली वितरण क्षेत्र अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सकेगा।

बैठक के अंत में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने सभी सांसदों द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार सभी महत्वपूर्ण सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित बिजली (संशोधन) विधेयक-2025 और राष्ट्रीय बिजली नीति-2026 देश के बिजली क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होंगे।