Chandigarh Smart Bike Scheme: चंडीगढ़ में पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना बेपटरी, मेंटेनेंस और चोरी के चलते ई-बाइक हटाई गईं
चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा दिसंबर 2020 में शुरू की गई पब्लिक बाइक शेयरिंग (PBS) योजना आज कई तरह की कमियों और समस्याओं से घिर चुकी है. शहरभर में बनाए गए 614 डॉकिंग स्टेशनों पर करीब पांच हजार साइकिलें तो खड़ी हैं, लेकिन इनमें से एक भी इलेक्ट्रिक बाइक (ई-बाइक) मौजूद नहीं है. कंपनी के हैदराबाद स्थित कॉल सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार, साइकिल चोरी और तोड़फोड़ की बढ़ती घटनाओं के चलते कंपनी को सभी स्टेशनों से ई-बाइक हटानी पड़ी हैं, जिससे अब लोग केवल साधारण पैडलिंग साइकिल ही चला पा रहे हैं.
🛠️ 2. समय पर रिपेयरिंग और मेंटेनेंस न होने से खराब हुई साइकिलें, ऐप में तकनीकी खामियों से बढ़ रही परेशानी
स्थानीय नागरिकों और नियमित उपयोगकर्ताओं का कहना है कि साइकिलों की देखरेख और मरम्मत समय पर न होने के कारण उनकी हालत बेहद खराब हो चुकी है. सेक्टर 27 के निवासी बलवंत सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि कई बार साइकिलों के ब्रेक खराब होते हैं, टायरों में हवा नहीं होती या जंग लगने के कारण उन्हें चलाने में बहुत अधिक जोर लगाना पड़ता है. इसके अलावा, कई बार पेमेंट करने के बाद भी साइकिल का लॉक नहीं खुलता और मोबाइल ऐप में भी तकनीकी खामियां बनी रहती हैं.
🌱 3. पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शुरू हुई थी योजना, साइकिल ट्रैक पर आ रही हैं कई रुकावटें
चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में प्रदूषण घटाने और कम दूरी के सफर के लिए पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प देने के उद्देश्य से इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत मात्र 5 से 10 रुपये प्रति घंटे का शुल्क रखा गया था. हालांकि, 22 करोड़ रुपये खर्च कर बनाए गए 210 किलोमीटर लंबे साइकिल ट्रैक नेटवर्क पर भी टूटी सड़कें, गटर, गड्ढे और अन्य मोटर वाहनों की आवाजाही जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, जिन्हें दूर करने की मांग लगातार उठाई जा रही है.