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चरखी दादरी: समसपुर में नशे के खिलाफ फूटा गुस्सा; हर्ष छिक्कारा ने दिया समर्थन

चरखी दादरी के गांव समसपुर में नशे के खिलाफ ग्रामीणों का धरना। समाजसेवी हर्ष छिक्कारा ने सरकार की नीतियों को घेरा और नशे के नेटवर्क को खत्म करने की मांग की।

 

चरखी दादरी। गांव समसपुर में नशे के खिलाफ धरने पर बैठे ग्रामीणों को समर्थन देने के लिए रविवार को समाजसेवी हर्ष छिक्कारा पहुंचे। धरना स्थल पर पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए प्रशासन से जल्द प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने और गांव में शांतिपूर्ण माहौल बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

हर्ष छिक्कारा ने प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को शराब और अन्य मादक पदार्थों से हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है जिसके कारण नशे के खिलाफ अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई देखने को नहीं मिलती। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व और पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता दिए जाने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है तथा गांवों का सामाजिक वातावरण लगातार बिगड़ता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा कभी दूध-दही और भाईचारे की संस्कृति के लिए जाना जाता था लेकिन आज नशे का नेटवर्क गांव-गांव तक पहुंच चुका है। छोटे गांवों में भी नशे के कारोबारियों की सक्रियता बढ़ने से सामाजिक ताना-बाना कमजोर हुआ है और परिवारों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने धरनारत ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी इस लड़ाई में वह पूरी मजबूती से साथ खड़े हैं और आवश्यकता पड़ने पर हर मंच पर इस मुद्दे को उठाएंगे। ग्रामीणों ने भी आंदोलन को मिल रहे समर्थन का स्वागत किया।