Martyr Ravi Prakash Sangwan Funeral: बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान हार्ट अटैक से शहीद हुए जवान रवि प्रकाश, गांव कासनी में शोक की लहर
चरखी दादरी: चरखी दादरी के गांव कासनी निवासी भारतीय सेना के जवान रवि प्रकाश सांगवान का पार्थिव शरीर बुधवार को पैतृक गांव पहुंचा. तिरंगे में लिपटे वीर सपूत को देखते ही माहौल गमगीन हो गया. ग्रामीणों और युवाओं ने बाइक काफिले के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली और ‘अमर शहीद रवि प्रकाश अमर रहे’ के नारे लगाए.
8 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि: शहीद रवि प्रकाश का राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. उनके 8 साल के बेटे देव सांगवान ने पिता को मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित कर परिवार के प्रति संवेदना जताई.
ट्रेनिंग के आखिरी दिन बिगड़ी थी तबीयत: रवि प्रकाश वर्ष 2015 में सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में राष्ट्रीय राइफल्स की 54वीं बटालियन में कश्मीर में तैनात थे. वह हवलदार प्रमोशन कोर्स के लिए बेंगलुरु में ट्रेनिंग कर रहे थे. पिता कृष्ण सांगवान के अनुसार, ट्रेनिंग के आखिरी दिन फिजिकल एक्टिविटी के दौरान अचानक हार्ट अटैक आने से उनकी तबीयत बिगड़ी और निधन हो गया.
बॉक्सिंग में पांच बार जीता गोल्ड: शहीद के पिता कृष्ण सांगवान ने कहा कि, "बेटे की शहादत पर हमें गर्व है. वह बॉक्सिंग में पांच बार गोल्ड मेडलिस्ट रहा. ट्रेनिंग पास करके हवलदार बन चुका था और अपना वादा निभाकर लौट आया. अब पोते देव को भी फौज में भेजकर देश सेवा कराने का संकल्प लिया है."
"शहीद पूरे देश की शान होता है": वहीं, दादरी विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि, "शहीद किसी एक क्षेत्र, गांव, गोत्र या धर्म का नहीं होता, वह पूरे देश की शान होता है. रवि प्रकाश जी ने देश के लिए अपनी शहादत दी है. दुख की इस घड़ी में सरकार, समाज और व्यक्तिगत स्तर पर परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी."
अधिकारियों और ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि: शहीद के अंतिम संस्कार में विधायक सुनील सांगवान, नायब तहसीलदार साहिल दलाल, भाजपा जिलाध्यक्ष राष्ट्रदीप परमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे. सभी ने शहीद रवि प्रकाश को नमन किया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.