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PHD Chamber Hospitality Event: चंडीगढ़ में शैफेक्स इंडिया का आगाज, भारतीय व्यंजनों को ग्लोबल पहचान और बिजनेस मॉडल पर मंथन

सेक्टर-17 परेड ग्राउंड में 18-20 सितंबर तक शैफेक्स इंडिया का आयोजन। होटल इंडस्ट्री, बिजनेस मॉडल और शेफ्स के लिए खास मंच।
 

चंडीगढ़: एक शेफ के लिए अब सिर्फ स्वादिष्ट खाना बनाना ही सफलता का पैमाना नहीं रह गया है. रेस्तरां की कई शाखाओं का संचालन, कर्मचारियों का प्रबंधन, खर्चों पर नियंत्रण और हर आउटलेट में खाने के स्वाद व गुणवत्ता की एकरूपता बनाए रखना भी कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है. इन्हीं बदलती जरूरतों पर चर्चा के लिए शैफेक्स इंडिया 2026 का आयोजन 18 से 20 सितंबर तक सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में होगा.

शेफ, कारोबारी और विशेषज्ञ होंगे शामिल: पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में शेफ, रेस्तरां संचालक, खाद्य उद्यमी, हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञ और सप्लायर हिस्सा लेंगे. होटल अरोमा में हुई पत्रकार वार्ता में आयोजन समिति के सौरभ मुंजाल, हरदीप सिंह और मनमोहन कोहली ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की.

किचन से CEO तक का सफर: आयोजन के पहले दिन "शेफ से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तक, सफल खाद्य ब्रांड का निर्माण" विषय पर चर्चा होगी. इसमें इस बात पर मंथन होगा कि एक शेफ अपने पाक-कौशल को व्यवस्थित और लाभकारी खाद्य कारोबार में कैसे बदल सकता है. रेस्तरां संचालन, लाभ-हानि, मानकीकृत प्रक्रियाओं और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे.

हर आउटलेट की कमाई और गुणवत्ता पर फोकस: सत्रों में प्रति आउटलेट आय-व्यय, अलग-अलग शाखाओं की लाभप्रदता और कारोबार विस्तार के लिए पूंजी जुटाने पर भी चर्चा होगी. साथ ही कई शाखाओं वाले रेस्तरां में खाने के स्वाद और गुणवत्ता में एकरूपता बनाए रखने की चुनौतियों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे.

पंजाब की फूड इंडस्ट्री में संभावनाएं: पीएचडी चैंबर पंजाब के सह-अध्यक्ष सौरभ मुंजाल ने कहा, “पंजाब की खानपान की मजबूत परंपरा और उद्यमशीलता को आधुनिक खाद्य एवं आतिथ्य कारोबार से जोड़ने की काफी संभावनाएं हैं.” उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से उद्योग से जुड़े लोगों को नए कारोबारी अवसरों और बदलते बाजार को समझने का मंच मिलता है.

भारतीय व्यंजनों को ग्लोबल पहचान दिलाने पर चर्चा: पहले दिन शेफ सम्मेलन में भारतीय खानपान के भविष्य और पेशेवर पाक नेतृत्व पर भी चर्चा होगी. भारतीय खाद्य एवं खानपान संघ के अध्यक्ष शेफ मनजीत गिल ने कहा, “भारतीय व्यंजनों की विरासत को तकनीक, नवाचार और टिकाऊ प्रक्रियाओं के साथ जोड़कर इसे वैश्विक स्तर पर आगे ले जाया जा सकता है.”

19 सितंबर को राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथि: कार्यक्रम के दूसरे दिन चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि होंगे. वह कार्यक्रम को संबोधित करने के साथ शैफ़ेक्स से जुड़े सहयोगियों और शेफ को सम्मानित करेंगे. इसी दिन मैसिव रेस्टोरेंट्स के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक जोरावर कालरा और टर्बन तड़का हॉस्पिटैलिटी के निदेशक शेफ हरपाल सोखी के बीच विशेष संवाद होगा.

बदलते ग्राहक और नए कारोबारी मॉडल पर संवाद: विशेष संवाद में बदलते ग्राहक व्यवहार, ब्रांड निर्माण, कारोबारी मॉडल और खाद्य उद्योग में शेफ की बदलती भूमिका पर चर्चा होगी. इसके अलावा "स्वस्थ मिठास के समाधान, मिठास का भविष्य" विषय पर विशेषज्ञ विचार रखेंगे.

तकनीक और उत्पादों की भी होगी प्रदर्शनी: तीनों दिनों के दौरान खाद्य सामग्री, फूड प्रोसेसिंग, हॉस्पिटैलिटी और रिटेल कारोबार से जुड़े उत्पादों व तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा. आयोजकों के अनुसार शैफेक्स इंडिया उद्योग से जुड़े कारोबारियों और पेशेवरों को नेटवर्किंग के साथ नई तकनीक, बदलते बाजार और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं को समझने का अवसर देगा.