Haryana Construction Workers Union: रजिस्ट्रेशन बंद होने के विरोध में प्रदर्शन, माकपा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
भिवानी। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (माकपा) जिला कमेटी ने आरोप लगाया कि बवानीखेड़ा में मुख्यमंत्री से मुलाकात करने जा रहे भवन निर्माण कामगार यूनियन के 25 से अधिक कार्यकर्ताओं को बीच रास्ते में हिरासत में ले लिया गया।
माकपा ने कार्रवाई की कड़ी निंदा की। बाद में हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। माकपा के जिला सचिव कामरेड ओम प्रकाश ने कहा कि भवन निर्माण कामगार यूनियन के नेतृत्व में मजदूर पिछले दो साल से रजिस्ट्रेशन बंद किए जाने, पहले से हुए रजिस्ट्रेशन को फर्जी बताकर रद्द करने और श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा स्वीकृत सुविधाएं लागू करवाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने सभी मंत्रियों के कैंप कार्यालयों और श्रम मंत्री के कैंप कार्यालय पर लगातार धरने और घेराव किए हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार इन मजदूरों की कोई सुनवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के पास बड़े निर्माण ठेकेदारों पर लगाए गए निर्माण कर से 4000 करोड़ रुपये इकट्ठे हो गए हैं। आरोप लगाया कि सरकार इस फंड को मजदूरों के कल्याण में लगाने के बजाय भ्रष्टाचार के जरिये खुर्द-बुर्द करना चाहती है। बवानीखेड़ा में हिरासत में लिए गए मजदूरों में भवन निर्माण कामगार यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड सुखबीर सिंह, हरियाणा राज्य प्रधान मनोज सोनी, कामरेड अनिल कुमार, सदीक डाडम और सुमेर बाढड़ा शामिल थे। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।