भिवानी: माकपा का प्रदर्शन; पेट्रोल-डीजल के दाम और पानी संकट पर खोला मोर्चा
भिवानी में माकपा ने पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों के खिलाफ किया प्रदर्शन। डीसी के माध्यम से पीएम को भेजा ज्ञापन, जिले में गहराते पानी-बिजली संकट के समाधान की मांग।
भिवानी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की जिला कमेटी के नेतृत्व में शनिवार को पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के बढ़े दाम वापस लेने, खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा जिले के गांवों और शहरों में पानी एवं बिजली संकट का समाधान करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया। जिला उपायुक्त की ओर से नायब तहसीलदार गौरव कुमार ने ज्ञापन प्राप्त किया।
प्रदर्शन शहीद भगत सिंह यादगार भवन, भिवानी से शुरू होकर जिला मुख्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शन की अध्यक्षता माकपा जिला सचिव मंडल सदस्य सुखदेव पालुवास और पार्टी जिला कमेटी सदस्य संतोष देशवाल ने संयुक्त रूप से की। माकपा जिला सचिव कामरेड ओम प्रकाश, जिला सचिव मंडल सदस्य मास्टर जगरोशन, कामरेड अनिल कुमार तथा जिला कमेटी सदस्य मास्टर वजीर सिंह ने कहा कि पांच राज्यों के चुनाव संपन्न होते ही केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में 7.50 रुपये प्रति लीटर, घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में 110 रुपये तथा कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम में 993 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि कर दी है। उनका कहना था कि इससे अर्थव्यवस्था में महंगाई और बढ़ेगी।
पार्टी नेताओं ने जिले के विभिन्न गांवों और शहरों में बढ़ रही पेयजल एवं बिजली समस्या का भी समाधान करने की मांग उठाई। कामरेड ओम प्रकाश ने कहा कि जिले की विभिन्न नहरों में 42 दिन में पानी आता है और वह भी एक सप्ताह की बजाय तीन दिन में ही बंद हो जाता है। इसके कारण गांवों और शहरों के वाटर टैंक तथा तालाब पूरी तरह नहीं भर पाते।
उन्होंने दादरी डिस्ट्रीब्यूटरी का उल्लेख करते हुए मांग की कि वहां कम से कम सात दिन तक नहर चलाई जाए ताकि कायला, बडाला, सांगा, बामला, उमरावत, पूर्णपुरा, मानहेरू तथा अन्य गांवों के वाटर टैंक और तालाब भर सकें तथा पेयजल संकट दूर हो सके। उन्होंने सांगा गांव को धारेडू के बजाय बामला पावर सब स्टेशन से जोड़ने की मांग भी की ताकि गांव में बिजली संकट की समस्या समाप्त हो सके। प्रदर्शन में पार्टी जिला कमेटी सदस्य राजेश कुंगड़, रामफल देशवाल, मास्टर वजीर सिंह, रतन कुमार जिंदल, बिमला घनघस, सतबीर ओबरा, दलबीर चौहड़, उपासना सिंह, अश्वनी मिताथल, सुरजीत सिंह और नरेश शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।