Delhi Ambala Rail Line Expansion: व्यस्ततम रूट पर ट्रेनों का दबाव होगा कम, विशेष रेल परियोजना के तहत सरकार ने बढ़ाई रफ्तार
दिल्ली-पानीपत-अंबाला रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की परियोजना के तहत 13 गांवों की जमीन अधिग्रहण के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।
उत्तर भारत के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल मार्गों में शुमार दिल्ली-पानीपत-अंबाला (198 किलोमीटर लंबे) रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को अब तेज गति मिल गई है। इस विशेष रेल परियोजना के अंतर्गत रेलवे प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की आधिकारिक प्रक्रिया का आगाज कर दिया है, जिससे इस प्रोजेक्ट के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ गई है।
📝 पानीपत और समालखा तहसील के 13 गांवों की 8.27 हेक्टेयर जमीन के लिए अधिसूचना जारी: केंद्र सरकार ने स्पष्ट की मंशा
उत्तर रेलवे (निर्माण संगठन) की ओर से विशेष रेल परियोजना के तहत पानीपत और समालखा तहसील के 13 गांवों व क्षेत्रों की कुल 8.2719 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके माध्यम से केंद्र सरकार ने इस राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की अपनी स्पष्ट मंशा जाहिर कर दी है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है।
⏱️ यात्रियों को मिलेगी ट्रेन की लेट-लतीफी से बड़ी राहत: मालगाड़ियों और सुपरफास्ट ट्रेनों के दबाव से मिलेगा छुटकारा
आपको बता दें कि दिल्ली-पानीपत-अंबाला रेल रूट देश के सबसे अधिक व्यस्त मार्गों में शामिल है, जिस पर रोजाना पैसेंजर ट्रेनों के साथ-साथ लंबी दूरी की सुपरफास्ट, एक्सप्रेस, वंदे भारत और भारी मालगाड़ियों का अत्यधिक दबाव रहता है। इस रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछ जाने के बाद ट्रेनों के संचालन की क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे यात्रियों को समय की बचत होगी और उनकी यात्रा काफी सुगम व आरामदायक बन सकेगी।