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धर्मेंद्र प्रधान का कुरुक्षेत्र दौरा: NEET विवाद पर साधी चुप्पी, मंदिर में पूजा

NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कुरुक्षेत्र दौरा। RSS के साथ बंद कमरे में बैठक और भद्रकाली मंदिर में पूजा, लेकिन मीडिया से साधी चुप्पी।

 

कुरुक्षेत्र : देशभर में NEET परीक्षा को लेकर जारी विवाद और विपक्ष द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच शुक्रवार को उनका कुरुक्षेत्र दौरा कई मायनों में चर्चा का विषय रहा। पूरे दिन चले कार्यक्रमों में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ लंबी बंद कमरे की बैठक की, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली और शाम को पत्नी मृदुला प्रधान के साथ शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना कर चांदी के घोड़े अर्पित किए।

दौरे के दौरान पत्रकारों ने NEET विवाद और देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों को लेकर केंद्रीय मंत्री से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने हाथ जोड़कर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पूरे दौरे में उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी और किसी भी राजनीतिक या शिक्षा संबंधी विवाद पर सार्वजनिक बयान नहीं दिया।

भद्रकाली मंदिर में की पूजा-अर्चना
धर्मेंद्र प्रधान ने हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में मन्नत पूरी होने पर चांदी के घोड़े अर्पित किए। उन्होंने गर्भगृह में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर के पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने उन्हें चुनरी और प्रसाद भेंट कर आशीर्वाद दिया। उनकी पत्नी मृदुला प्रधान ने भी मंदिर में अलग से पूजा की और कुछ समय तक माला जपते हुए प्रार्थना की।

RSS के साथ 6 घंटे की गोपनीय बैठक
सुबह केंद्रीय मंत्री गीता निकेतन आवासीय विद्यालय पहुंचे, जहां RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ करीब छह घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई। बैठक की पूर्व सूचना सार्वजनिक नहीं थी और बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी भी साझा नहीं की गई।

NIT में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा
RSS बैठक के बाद धर्मेंद्र प्रधान सीधे NIT कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने संस्थान के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सूत्रों के अनुसार बैठक में संस्थान के प्रशासनिक मामलों, निदेशक से जुड़े विवाद, प्रशासनिक अधिकारों में बदलाव तथा हाल के छात्र आत्महत्या मामलों सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक के बाद शिक्षा मंत्रालय या NIT प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।

जारी है जवाबों का इंतजार
NEET विवाद, छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर देशभर में बहस जारी है। ऐसे समय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस दौरे में प्रशासनिक और धार्मिक कार्यक्रम तो हुए, लेकिन मीडिया के सवालों पर उनकी चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी रही। फिलहाल, सरकार की ओर से इन मुद्दों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति का इंतजार किया जा रहा है।