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Excise Department Deputation: आबकारी विभाग में प्रतिनियुक्ति पर घमासान, पंजाब और हरियाणा से आवेदन मांगने पर उठे सवाल

चंडीगढ़ प्रशासन में एक बार फिर यूटी कैडर को लेकर असंतुलन का मुद्दा गरमा गया है। बिना गृह मंत्रालय (एमएचए) की मंजूरी के प्रशासन आबकारी एवं कराधान विभाग में दो और असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (एईटीसी) लगाने की तैयारी में है।

 

चंडीगढ़: चंडीगढ़ प्रशासन में एक बार फिर यूटी कैडर को लेकर असंतुलन का मुद्दा गरमा गया है। बिना गृह मंत्रालय (एमएचए) की मंजूरी के प्रशासन आबकारी एवं कराधान विभाग में दो और असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (एईटीसी) लगाने की तैयारी में है।

इस कदम को लेकर यूटी कैडर के अधिकारियों में नाराजगी बढ़ गई है। नियमों के मुताबिक किसी भी नए पद के सृजन से पहले एमएचए की अनुमति जरूरी होती है लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर दो एईटीसी पदों के लिए आवेदन मांग लिए हैं। इसे दोनों राज्यों के कैडर को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

वर्तमान में विभाग में एक असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (यूटी कैडर) और एक एडिशनल एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (हरियाणा कैडर) कार्यरत हैं। यदि दो नए एईटीसी तैनात किए जाते हैं तो पहली बार विभाग में तीन एईटीसी और एक एडिशनल कमिश्नर होंगे जबकि शीर्ष स्तर पर डिप्टी कमिश्नर-कम-एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर विभाग की कमान संभालेंगे।