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फरीदाबाद: मोहना एलिवेटेड रोड का काम ठप, दुकानों पर ताले और हादसों का डर

फरीदाबाद के मोहना में ₹225 करोड़ का एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट एक महीने से बंद। धूल, गड्ढों और आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोग। जानें PWD ने काम रुकने की क्या वजह बताई।

 

फरीदाबाद: फरीदाबाद के मोहना क्षेत्र में बन रहा एलिवेटेड रोड इन दिनों सवालों के घेरे में है. करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना का काम पिछले एक महीने से पूरी तरह ठप पड़ा है. जून 2024 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है. अब तक करीब 90 पिलर तैयार किए जा चुके हैं, मगर आगे का निर्माण कार्य रुका हुआ है. इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

बंद हो रही दुकानें: निर्माण कार्य रुकने का सबसे ज्यादा असर स्थानीय दुकानदारों पर पड़ा है. पिछले डेढ़ साल से उनका कारोबार लगातार गिर रहा है. ग्राहक कम होने के कारण कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद करने को मजबूर हो गए हैं. जो दुकानें पहले गुलजार रहती थीं, अब वहां सन्नाटा पसरा है. व्यापारियों का कहना है कि सड़क निर्माण की अनिश्चितता ने उनकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है.

स्थानीय निवासियों का छलका दर्द: स्थानीय निवासी सोनू ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि, "दो साल पहले काम शुरू हुआ था, लेकिन बीच-बीच में बार-बार बंद हो जाता है. सड़क पर गड्ढे और लोहे की सरिया निकली हुई है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है. एक दिन मैं अपनी पत्नी के साथ बाइक से जा रहा था और गड्ढे में गिर गया, बड़ी मुश्किल से बच पाए. यहां धूल इतनी उड़ती है कि बीमारी फैलने का डर बना रहता है. क्षेत्र की हालत ऐसी हो गई है जैसे यहां लॉकडाउन लग गया हो."

व्यापारियों की घटती आमदनी: वहीं, स्थानीय दुकानदार जोगिंदर ने बताया कि, "मैं पिछले 20 सालों से यहां बाइक सर्विस की दुकान चला रहा हूं, लेकिन जब से यह रोड बनना शुरू हुआ है, सबसे ज्यादा नुकसान हमें हुआ है. पहले मेरे पास पांच मजदूर थे, अब सिर्फ तीन ही रह गए हैं. दुकान का किराया निकालना भी मुश्किल हो गया है. ग्राहक आना बंद हो गए हैं और कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर चुके हैं. लगातार निर्माण कार्य रुकने से स्थिति और खराब हो रही है."

सुरक्षा और स्वास्थ्य पर खतरा: इसके साथ ही निर्माण वाले जगह पर सुरक्षा के इंतजाम न होने से हादसों का खतरा बढ़ गया है. सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं और रात के समय स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं होने से अंधेरा छाया रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. इसके अलावा धूल और प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है. एक दुकानदार ने कहा कि, "यहां इतनी धूल है कि सांस लेना मुश्किल हो गया है, जल्द ही लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं."

प्रशासन की सफाई: इस मामले में पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी इंजीनियर प्रकाश लाल ने बताया, "एलिवेटेड मार्ग के निर्माण में लोहे की सप्लाई में कुछ दिक्कत आई है, जिसे जल्द दूर कर लिया जाएगा. ठेकेदार का कोई भुगतान लंबित नहीं है, इसलिए काम वित्तीय कारणों से नहीं रुका है. मजदूरों की कमी और अदानी गैस पाइपलाइन के दो स्थानों पर कनेक्शन का काम बाकी होने के कारण निर्माण अस्थायी रूप से रोका गया है. जल्द ही काम दोबारा शुरू किया जाएगा."

जल्द काम शुरू होने का दावा: प्रशासन का कहना है कि जैसे ही सप्लाई और तकनीकी बाधाएं दूर होंगी, निर्माण कार्य को तेज गति से शुरू कर दिया जाएगा. हालांकि, स्थानीय लोग अब इन आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि जब तक काम पूरी तरह शुरू नहीं होता, तब तक उनकी समस्याएं कम नहीं होंगी. फिलहाल मोहना के लोग धूल, गड्ढों और आर्थिक संकट के बीच विकास की राह का इंतजार कर रहे हैं.