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Kurukshetra News Vishu Sharma Funeral: प्लॉट बेचकर विदेश भेजा था इकलौता बेटा; जर्मनी में चाकू गोदकर हत्या से टूटा परिवार

जर्मनी में चाकू से हमला कर मारे गए कुरुक्षेत्र के विशु शर्मा का शव 11 दिन बाद घर पहुंचा। इकलौते बेटे की मौत से छाया मातम।
 

कुरुक्षेत्र : जर्मनी में चाकू से हमला कर मारे गए कुरुक्षेत्र के 25 वर्षीय विशु शर्मा का शव 11 दिन बाद सोमवार को महादेव मोहल्ला स्थित उसके घर पहुंचा। शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। विशु अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिजन दिवाली पर उसके घर लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन त्योहार से पहले ही उसका पार्थिव शरीर घर पहुंच गया। अंतिम संस्कार के दौरान पिता नीरज शर्मा ने बेटे को मुखाग्नि दी।

तीन युवकों ने घेरकर किए थे चाकू से वार

विशु के पिता नीरज शर्मा के अनुसार, कुछ युवकों ने विशु को मिलने के लिए बुलाया था। इसी दौरान तीन युवकों ने उसे घेर लिया और चाकू से कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल विशु को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार सदमे में है।

रूममेट ने दी थी मौत की सूचना

विशु की मौत की जानकारी उसके रूममेट गौरव ने फोन कर परिवार को दी थी। कुछ देर बाद गौरव का फोन बंद हो गया। इसके बाद परिवार ने जर्मनी में रहने वाले एक रिश्तेदार को अस्पताल भेजा। रिश्तेदार ने विशु के हाथ और गर्दन पर बने टैटू के आधार पर उसकी पहचान की।

बहन को थी राखी बांधने की उम्मीद

विशु की बहन नोनी ने बताया कि 10 अगस्त को उसकी भाई से आखिरी बार बातचीत हुई थी। उसने भाई के लिए राखी भेजी थी। विशु ने रक्षाबंधन पर उसे गोल्ड रिंग देने का वादा किया था और उसी दिन वह रिंग का डिजाइन पसंद करने जाने वाला था। बहन ने कहा कि अब भाई की कलाई पर राखी बांधने का उसका इंतजार हमेशा के लिए अधूरा रह गया।

प्लॉट बेचकर बेटे को विदेश भेजा था

विशु के पिता नीरज शर्मा शहर की एक ज्वेलरी शॉप पर काम करते हैं। उन्होंने बताया कि नवंबर 2022 में करीब 20 लाख रुपये का प्लॉट बेचकर उन्होंने बेटे को विदेश भेजा था। विशु पहले पुर्तगाल गया, इसके बाद फ्रांस पहुंचा और करीब एक साल तक फ्रांस आर्मी में सेवाएं दीं। पिछले साल की शुरुआत में वह जर्मनी चला गया था। जर्मनी में विशु डिलीवरी बॉय के रूप में काम कर रहा था और उसने अपनी एक टीम भी बना रखी थी। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं।

11 दिन तक शव का इंतजार करता रहा परिवार

विशु की मौत की सूचना करीब 11 दिन पहले परिवार को मिली थी। इसके बाद परिजनों ने सरकार से उसके शव को भारत लाने की गुहार लगाई थी। परिवार लगातार पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि विशु दिवाली पर घर लौटेगा, लेकिन सोमवार को उसका शव घर पहुंचा। इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा।