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Haryana Rural Development: हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने दी 'रिफॉर्म उत्सव' की जानकारी

2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में मनाया जाएगा 'रिफॉर्म उत्सव'। ग्रामीण विकास और सरकारी सुधारों की मिलेगी जानकारी।
 

चंडीगढ़ : ‘सबकी योजना, सबका विकास’ के उद्घोष के साथ प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभाएँ इस बार देशभर के ग्रामीण अंचलों में केंद्र सरकार के ‘रिफॉर्म उत्सव’ की साक्षी बनेंगी। भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के संयोजन में छह अन्य केंद्रीय मंत्रालय भी इस व्यापक जन-जागरूकता अभियान में सहभागी बनेंगे।

हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने भारत सरकार द्वारा जारी संयुक्त एडवाइजरी के हवाले से आज यहां बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण जीवन को अधिक सुगम, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से हाल के वर्षों में विभिन्न विभागों के माध्यम से किए गए महत्वपूर्ण सुधारों और व्यवस्थागत बदलावों की जानकारी ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएगी। डॉ. चौहान ने बताया कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय सहित संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों द्वारा राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे गए संयुक्त पत्र में ‘रिफॉर्म उत्सव’ को ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के निर्माण के लिए आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं के साथ जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से ग्राम सभा केवल स्थानीय विकास योजनाओं के निर्माण का मंच नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीणों को केंद्र सरकार द्वारा किए गए विभिन्न सुधारों, जनकल्याणकारी व्यवस्थाओं और उनके प्रत्यक्ष लाभों की जानकारी देने का प्रभावी माध्यम भी बनेगी।

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभाओं में गांव के विकास से जुड़े विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को संबंधित योजनाओं और व्यवस्थागत सुधारों की जानकारी दी जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक को भी महत्व दिया जाएगा उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के मंच पर आयोजित होने वाला ‘रिफॉर्म उत्सव’ विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत व्यापक दृष्टि के अनुरूप होगा। इसका उद्देश्य सरकार द्वारा जनहित में किए गए व्यवस्थागत सुधारों की समुचित जानकारी ग्रामवासियों तक पहुंचाना तथा यह समझ विकसित करना है कि इन सुधारों से आम नागरिकों और ग्रामीण समुदाय के जीवन में क्या परिवर्तन आया है।

डॉ. चौहान ने कहा कि इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष जनभागीदारी भी है। ग्राम सभा में ग्रामीणों द्वारा दिए जाने वाले सुझावों, अनुभवों और फीडबैक को भविष्य की सुधार प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। इस प्रकार ग्राम सभा ‘सबकी योजना, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप नीति, सुधार और जनभागीदारी के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य करेगी।

डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के सचिव डॉ विनीत जोशी खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव संजीव चोपड़ा, उपभोक्ता मामलों की सचिव  निधि खरे, भू संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के मीणा, ग्राम विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल और जल संसाधन व नदी विकास विभाग की सचिव अर्चना वर्मा ने राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में रिफॉर्म उत्सव और ग्राम पंचायत विकास योजना के निर्माण के लिए होने वाली ग्राम सभाओं को परस्पर जोड़ने के निर्देश जारी किए हैं।

डॉ चौहान ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा में सक्रिय रूप से भाग लें, सरकारी योजनाओं एवं सुधारों की जानकारी प्राप्त करें तथा गांव के विकास से संबंधित अपने सुझाव और अपेक्षाएं ग्राम सभा के समक्ष रखें।