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गुरुग्राम: भाजपा कार्यालय के बाहर कांग्रेस का हंगामा, कार्यकर्ता हिरासत में

राम मंदिर चंदा चोरी के विरोध में भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता। धारा 163 के उल्लंघन पर पुलिस ने सैकड़ों को हिरासत में लिया।

 

गुरुग्रामः अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के विरोध में गुरुग्राम में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ. कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के प्रदेश कार्यालय गुरुकमल के बाहर सुंदरकांड का पाठ करने पहुंचे, लेकिन प्रशासन द्वारा लागू की गई धारा 163 के चलते पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद दोनों जिला अध्यक्षों समेत सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया.

भाजपा कार्यालय के बाहर लागू था धारा 163ः दरअसल कांग्रेस ने पहले ही ऐलान किया था कि वह राम मंदिर में चंदा चोरी के विरोध में भाजपा कार्यालय के बाहर सुंदरकांड का पाठ कर सांकेतिक प्रदर्शन करेगी. वहीं सोमवार देर रात सेक्टर-40 थाना पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को नोटिस जारी किया. मंगलवार सुबह जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भाजपा कार्यालय के 300 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया.

पुलिस लाइन में किया सुंदरकांड का पाठः प्रशासन के आदेशों के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के बाहर पहुंच गए और सुंदरकांड का पाठ करने की मांग पर अड़े रहे. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंकज डावर, वर्धन यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले गई. हिरासत में लिए जाने के बाद भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा. पुलिस लाइन परिसर में एक हॉल के भीतर बैठाए गए कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया. इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हनुमान चालीसा का पाठ करते दिखाई दे रहे हैं. मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया. बहरहाल आज का दिन गुरुग्राम में राजनीतिक लिहाज से बहुत गरमाया हुआ था.

क्या बोले पुलिस अधिकारीः गुरुग्राम के एसीपी सदर धर्मवीर सिंह ने कहा कि "इन्होंने बिना अनुमति के और गैरकानूनी रूप से यहां जमावड़ा किया था. इसलिए यहां से इन्हें हटाया गया है. कोई मारपीट नहीं की गई है. सबकुछ मीडिया के सामने हुआ है. यहां 144 लगी हुई है. उनको तीन-तीन, चार-चार बार चेतावनी दी गई है. ड्यूटी मजिस्ट्रेट के द्वारा भी चेतावनी दी गई है. लेकिन इनके द्वारा नेशनल हाईवे को बाधित करने की कोशिश की गई. नेशनल हाईवे को कोई रोक नहीं सकता है. इस कारण आम जनता को परेशानी हुई है. इन्हें यहां पर धरना नहीं करने के लिए नोटिस दिया गया था. पुलिस ने धरने का विरोध किया है, क्योंकि उनको धरने का परमिशन नहीं थी. जहांतक 4-5 दिन से अनुमति का सवाल है, यह प्रशासन का विषय है. ये लोग गैर-कानूनी रूप से धरना दे रहे थे. यहां 300 मीटर के दायरे में धारा 144 लगी हुई है. हमने इसी का पालना किया है."