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गुरुग्राम: अंडा व्यापारी पर हमले का सच, रंगदारी नहीं आपसी विवाद निकला मामला

गुरुग्राम के खेड़की माजरा में अंडा व्यापारी पर हमले में बड़ा खुलासा। पुलिस जांच में रंगदारी या गैंग का एंगल गलत निकला। जानिए क्या थी असल वजह और पुलिस की कार्रवाई।

 

गुरुग्राम: गुरुग्राम के खेड़की माजरा स्थित अंडा व्यापारी के दफ्तर में हुए हमले के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. शुरुआती शिकायत में रंगदारी मांगने और गैंग की संलिप्तता का आरोप लगाया गया था, लेकिन जांच में मामला आपसी विवाद का निकला. पुलिस ने साफ किया कि अब तक की जांच में किसी आपराधिक गिरोह या रंगदारी की पुष्टि नहीं हुई है.

पेशाब करने की बात पर शुरू हुआ विवाद: पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता किराए के मकान में रहता है, जबकि आरोपी पक्ष उसके मकान मालिक के पड़ोसी हैं. 17-18 जुलाई की रात पेशाब करने की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसने बाद में मारपीट और तोड़फोड़ का रूप ले लिया. जांच में सामने आया कि इसी विवाद के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए.

शिकायत में लगाए गए थे गंभीर आरोप: अंडा व्यापारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि कुछ लोग उसकी दुकान पर पहुंचकर हर महीने 50 हजार रुपये की रंगदारी मांग रहे थे. विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट, तोड़फोड़, जान से मारने की धमकी देने और सोने की चेन छीनने का भी आरोप लगाया था. पुलिस ने शिकायत के बाद सीसीटीवी फुटेज, दोनों पक्षों के बयान और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की.

सात लोगों पर कार्रवाई: मामले में गुरुग्राम पुलिस के एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने कहा kf, "जांच में रंगदारी या किसी गैंग की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है. यह मामला आपसी विवाद का है. सात लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126/170 के तहत निवारक कार्रवाई की गई है. मामले की जांच अभी जारी है. जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी."