नमो भारत ट्रेन से मात्र 20 मिनट में तय होगी गुरुग्राम से फरीदाबाद की दूरी, ₹15,746 करोड़ का प्रोजेक्ट
गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले 64 किमी लंबे नमो भारत RRTS कॉरिडोर के अलाइनमेंट को हरियाणा सरकार की मंजूरी मिल गई है। जानें पूरा रूट और डिटेल्स।
फरीदाबाद: गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए आने वाले वर्षों में परिवहन की तस्वीर बदल सकती है. इन चारों शहरों को तेज रफ्तार रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए नमो भारत RRTS कॉरिडोर की योजना पर काम आगे बढ़ रहा है. करीब 64 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित कॉरिडोर की फाइनल अलाइनमेंट को हरियाणा सरकार की मंजूरी मिल चुकी है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 15 हजार 746 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. परियोजना पूरी होने के बाद NCR के इन प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगी
64 किलोमीटर होगी लंबाई: गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर को NCR की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर देखा जा रहा है. प्रस्तावित रूट का बड़ा हिस्सा हरियाणा में आएगा, जबकि इसका कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा. कुल लंबाई करीब 64 किलोमीटर बताई जा रही है, जिसमें लगभग 52 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में होगा. इस नेटवर्क में RRTS के साथ मेट्रो कनेक्टिविटी को जोड़ने की योजना है. यानी यात्रियों को लंबी दूरी के तेज सफर के साथ-साथ शहर के अंदर आने-जाने के लिए स्थानीय मेट्रो नेटवर्क का भी फायदा मिल सकेगा, इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी चर्चा इसकी यात्रा की रफ्तार को लेकर है. अभी फरीदाबाद से गुरुग्राम या नोएडा पहुंचने के लिए सड़क मार्ग पर ट्रैफिक के कारण काफी समय लग जाता है. खासकर पीक आवर्स में सफर और लंबा हो जाता है.
20 मिनट में पूरी होगी गुरुग्राम से फरीदाबाद की दूरी: प्रस्तावित RRTS सेवा शुरू होने के बाद गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच यात्रा लगभग 20 मिनट में पूरी करने का लक्ष्य बताया जा रहा है. वहीं गुरुग्राम से नोएडा की दूरी करीब 40 मिनट में तय करने की योजना है. हालांकि वास्तविक यात्रा समय कॉरिडोर के संचालन, स्टेशनों और अंतिम टाइमटेबल के बाद ही स्पष्ट होगा. कॉरिडोर में करीब 18 स्टेशन विकसित किए जाने की बात सामने आई है. इन स्टेशनों का मकसद केवल चार बड़े शहरों को जोड़ना नहीं होगा, बल्कि आसपास के इलाकों को भी तेज परिवहन व्यवस्था से जोड़ना होगा.
यात्री RRTS के जरिए दूसरे शहर तक कम समय में पहुंच सकेंगे, जबकि इंटरचेंज के माध्यम से स्थानीय मेट्रो नेटवर्क का इस्तेमाल कर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे. इस तरह लंबी दूरी और स्थानीय परिवहन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश की जाएगी.
निजी वाहनों पर निर्भर्ता होगी कम: फरीदाबाद के लिहाज से इस परियोजना का महत्व काफी ज्यादा है. शहर के हजारों लोग रोजाना गुरुग्राम और नोएडा के औद्योगिक, कारोबारी और रोजगार क्षेत्रों में आते-जाते हैं. छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और कारोबारियों को भी इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है. अगर तेज रेल कनेक्टिविटी विकसित होती है तो लोगों को निजी वाहनों पर कम निर्भर रहना पड़ सकता है. इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब ₹15,746 करोड़ खर्च होने का अनुमान है. इसमें हरियाणा सरकार की हिस्सेदारी लगभग ₹3,573 करोड़ बताई गई है. हालांकि परियोजना को धरातल पर उतारने से पहले कई प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी.
2031 तक निर्माण पूरा होने का लक्ष्य: वहीं निर्माण कार्य शुरू करने की संभावित समयसीमा दिसंबर 2026 के आसपास बताई जा रही है और परियोजना को लगभग 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन अंतिम समयसीमा मंजूरियों, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण की गति पर निर्भर करेगी. इस कॉरिडोर का असर केवल यात्रा के समय तक सीमित नहीं रहने वाला है. फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों के बीच तेज कनेक्टिविटी बनने से रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान हो सकती है. कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ NCR में रहने वाले लोगों के लिए नौकरी और कारोबार के विकल्प भी ज्यादा सुलभ हो सकते हैं. साथ ही, अगर बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की जगह RRTS और मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं तो प्रदूषण और सड़क पर वाहनों के दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है.
4 घंटे तक चली बैठक: इस आरआरटीएस परियोजना को लेकर एचएसवीपी के सुप्रिडेन्ट इंजीनियर संदीप दहिया ने बताया कि "हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण फ़रीदाबाद कार्यालय में सभी अधिकारियों की करीब 4 घंटे तक बैठक चली. बैठक के दौरान फरीदाबाद के उन सभी सेक्टरों के नक्शे और रिकॉर्ड खंगाले गए जहां से प्रस्तावित कॉरिडोर गुजरना है. परियोजना में फिलहाल सरकारी योजना बाधा नहीं है अगर कोई बाधा आती है, तो उसे समय रहते दूर किया जा सके. नमो भारत कॉरिडोर का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है. इससे फरीदाबाद से गुरुग्राम की दूरी मात्र 20 मिनट में तय की जा सकेगी. जिसमें करीब 64 किलोमीटर लंबा रूट रहने वाला है और 18 स्टेशन इसमें बनाए जाएंगे. जल्द ही इसका काम शुरू हो सकता है तो लाखों लोगों को उसके बनने के बाद काफी राहत गुरुग्राम तक सफर करने में मिल सकेगी."