गुड़गांव: मेदांता अस्पताल के अंदर धरने पर बैठे दो लोग, पुलिस हिरासत में
गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के अंदर सोनम वांगचुक के समर्थन में पोस्टर लेकर धरने पर बैठे दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। अस्पताल की सुरक्षा बढ़ाई गई।
गुड़गांव : गुड़गांव पुलिस के पैरों तले उस वक्त जमीन खिसक गई जब मेदांता अस्पताल में की गई त्रिपल लेयर सिक्योरिटी को दो लोगों ने खोखला साबित कर दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और प्रसिद्ध इंजीनियर एवं छात्रों की आवाज बुलंद करने वाले सोनम वांगचुक के समर्थन के पोस्टर लिए दो लोग मेदांता अस्पताल के अंदर ही धरने पर बैठ गए। जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना मिली तो पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने हाथ में पोस्टर लिए प्रदर्शन कर रहे दो लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा को कड़ा करते हुए प्रत्येक व्यक्ति से पूछताछ करनी शुरू कर दी और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को बंद कर दिया। मरीजों के अटैंडेंट को भी पुख्ता होने के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, करीब सवा दो बजे दो युवक मेंदाता अस्पताल के अंदर बने पार्क में पोस्टर लेकर धरने पर बैठ गए। बताया जा रहा है कि धरने पर बैठने वालों में सपा नेता किशन दीक्षित व विकास यादव हैं जोकि बनारस के रहने वाले हैं। किशन दीक्षित साल 2022 में ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास प्रत्याशी नीलकंठ तिवारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था हालांकि किशन दीक्षित उस चुनाव में जीत नहीं पाए थे। दोनों के हाथ में केद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और सोनम वांगचुक के समर्थन के पोस्टर थे जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में लिया और दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। प्रारंभिक तौर की जांच के दौरान सामने आया कि दोनों अपने मरीज के साथ अस्पताल में आए हुए हैं। उनके मरीज का इलाज चल रहा है। ऐसे में अब पुलिस ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के अटैंडेंट पर भी निगरानी बढ़ा दी है ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृति न हो।
आपको बता दें कि छात्रों की मांगों को लेकर पिछले करीब 25 दिन से धरना दे रहे प्रसिद्ध इंजीनियर सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके पति का इलाज गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में कराए जाने की अपील की थी जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया और मंगलवार देर शाम को सोनम वांगचुक को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच भर्ती किया गया। यहां उन्हें आईसीयू 8 में भर्ती किए जाने के साथ ही डॉ सुशीला कटारिया द्वारा उनका इलाज शुरू कर दिया गया। डॉक्टरों की मानें तो उन्हें लिक्विड डाइट दी जा रही है। वहीं, देर रात को सोनम वांगचुक से मिलने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी अस्पताल आए थे। करीब 45 मिनट तक अस्पताल में रहने के बाद वह दिल्ली लौट गए थे।