{"vars":{"id": "123258:4912"}}

गुड़गांव: पार्क अस्पताल पर शव के इलाज और अंग निकालने का आरोप, भारी हंगामा

गुड़गांव के पार्क अस्पताल में हाई वोल्टेज ड्रामा! परिजनों का आरोप- मौत के बाद भी 24 घंटे किया इलाज, वसूले 5 लाख। अंग निकालने के शक में सड़क जाम, पुलिस तैनात।

 

गुड़गांव : अस्पताल की मनमानी कहें या लूट जो एक मृत व्यक्ति का इलाज करने के नाम पर 5 लाख रुपए वसूल लिए। इसका खुलासा तब हुआ जब परिजनों ने पेशेंट को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। जैसे ही परिजनों ने अस्पताल में बिल के 5 लाख रुपए जमा कराए वैसे ही अस्पताल प्रबंधन ने पेशेंट का डेड डिक्लेयर कर दिया जिसके बाद परिजन बिफर गए और जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को अस्पताल से बाहर निकाला तो यह लोग रोड पर आ गए और जाम लगा दिया। देर रात चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने हंगामा चल रहे लोगों को शांत कराया। 

दरअसल, 23 मार्च को रोड एक्सीडेंट में एक डिलीवरी बॉय घायल हो गया था जिसकी पहचान कोलकाता के रहने वाले अजरूल इस्लाम (20) के रूप में हुई थी। इसे इलाज के लिए पार्क अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें अस्पताल प्रबंधन के व्यवहार पर कुछ शक हुआ तो उन्होंने घायल अजरूल को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की बात कही। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें पांच लाख रुपए का बिल जमा कराने के लिए कहा। आरोप है कि जैसे ही उन्होंने बिल जमा कराया वैसे ही पेशेंट को अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर करने की बजाय उसे डेड डिक्लेयर कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि अजरूल को एक्सीडेंट में सिर पर चोट लगी थी, लेकिन जब उन्होंने देखा तो उसके पेट पर टांके लगे हुए थे। ऐसे में उन्हें शक है कि उसके ऑर्गन भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा निकाल लिए गए हैं। उनके पेशेंट की मौत हुए 24 घंटे से भी ज्यादा का समय बीत गया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन बिल बनाने के लिए ही उन्हें पेशेंट की हालत ठीक होना बता रहा था। जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से यह पूछा कि अजरूल की मौत कब हुई तो अस्पताल प्रबंधन कुछ भी जवाब नहीं दे रहा। ऐसे में साफ है कि अस्पताल की तरफ से केवल रुपयों की लालच में शव का इलाज किया जा रहा था। ऐसे में उनका यह शक भी गहरा गया है कि कहीं ऐसा न हो कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा अजरूल के ऑर्गन को निकाल लिया गया हो। 

वहीं, मामले में जब अस्पताल प्रबंधन से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया। इस बात से गुस्साए परिजनों व सहकर्मियों ने अस्पताल का घेराव कर दिया और देर रात को जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को अस्पताल से बाहर निकाला, लेकिन लोग सड़कों पर उतर आए और रोड जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद जब पुलिस ने परिजनों को मामले में सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तब परिजन शांत हुए और जाम खोल दिया।