गुड़गांव: पंजाब CM के विवादित वीडियो की फर्जी रिपोर्ट मामले में 2 गिरफ्तार
गुड़गांव : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक कथित विवादित वीडियो की फर्जी फोरेसिंक रिपोर्ट बनाने के मामले में गिरफ्तार साइबर एक्सपर्ट अंकित और अरुण महेंद्रू को गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा की टीम ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में पेश कर पुलिस ने आरोपियों को आठ दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस टीम आरोपियों से रिपोर्ट कहां और कैसे तैयार की गई। इसके अलावा प्रिंट कहां से निकाले गए, लैब की ई-मेल आईडी, स्टैंप सहित अन्य जानकारी हासिल करेगी। इस फर्जी रिपोर्ट तैयार करने में कोई और शामिल है या नहीं, सभी जानकारी जुटाई जाएगी।
इस मामले में शिकायत करने वाले सिरसा के जसप्रीत उर्फ जस्सी की जान को खतरे को देखते हुए पुलिस बेहद सतर्कता बरत रही है। पुलिस ने सुरक्षा कारणों के चलते जसप्रीत को एक गुप्त सेफ हाउस में रखा है, जहां एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारी उससे लगातार पूछताछ कर रहे हैं। इसके अलावा गुरुग्राम पुलिस के द्वारा जसप्रीत का एक पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया।
एसआईटी जांच में सामने आया है कि जसप्रीत का लुधियाना में काफी आना जाना है। वह साइबर एक्सपर्ट होने के नाते पंजाब सरकार के अधिकारियों से भी काफी जानकारी है। उनके पास पंजाब सरकार के अधिकारी का फोन आया था और कोई रिपोर्ट बनाने की बात कहीं गई। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक कथित विवादित वीडियो को देखने के बाद जसप्रीत ने मना कर दिया और बोला की वह ऐसी रिपोर्ट नहीं बना सकता। उसके पास ऐसी रिपोर्ट बनाने के लिए विशेषज्ञता नहीं है।
पंजाब सरकार के अधिकारियों के कहने पर जसप्रीत ने पंचकूला में अरूण महेंद्रू और पंकज से के बारे में जानकारी दी। जसप्रीत के बात करने के बाद अरूण ने रिपोर्ट बनाने के लिए राजी हो गया। जबकि दिल्ली के पंकज ने अंकित से बात की और अंकित भी रिपोर्ट बनाने के लिए राजी हो गया। उसके बाद दोनों से पंजाब के अधिकारियों से मिलवाया गया। दोनों को पंजाब पुलिस के अधिकारियों के द्वारा पेन ड्राइव में वीडियो दिए गए। उसके बाद दोनों ने रिपोर्ट अगले ही दिन बनाकर दी। इस काम के लिए जसप्रीत को दस लाख रुपये दिए गए। जिसमें से जसप्रीत ने एक बैंक खाते में साढ़े सात लाख और दूसरे बैंक खाते में ढ़ाई लाख रुपये जमा करवाए गए। फिर जसप्रीत ने अंकित और अरुण को तीन से चार बार में ऑनलाइन 50-50 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए।
एसआईटी की जांच में सामने आया कि साइफर सेंटिनल लैब का पता जींद के गांव खरक गागर में एक दुकान का दिखाया गया। सेंटिनल लैब की रिपोर्ट अंकित के द्वारा तैयार की गई थी,सभी पेज पर अंकित के द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे। अंकित के द्वारा वीडियो की रिपोर्ट नौ पेज की तैयार की गई, रिपोर्ट वीडियो के 1191 फ्रेम निकाल कर जांच करने का दावा किया गया था। इसके अलावा अरूण महेंद्रू के द्वारा दिल्ली के उत्तम नगर के पते पर साइबरयान लैब का पता दिखाया गया। इस लैब के नाम से 13 पेज की यह रिपोर्ट अरूण के द्वारा तैयार की गई थी। रिपोर्ट में वीडियो के 1191 फ्रेम निकाल कर रिपोर्ट को तैयार किया गया। पुलिस के द्वारा दोनों पते की जांच की गई, तो सामने आया कि इस नाम से कोई लैब नहीं है। दोनों रिपोर्ट सही लगे इसके लिए रिपोर्ट के पहले पेज पर पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और वेबसाइट भी लिखी हुई थी, ताकि फर्जीवाड़ा पकड़ में नहीं आए। रिपोर्ट में हस्ताक्षर करने के साथ-साथ स्टैंप भी लगाई हुई थी।