गुरुग्राम: 'टावर ऑफ जस्टिस' का लोकार्पण, न्याय प्रणाली को मिली नई रफ्तार
गुरुग्राम में अत्याधुनिक 'टावर ऑफ जस्टिस' का उद्घाटन। 56 नए कोर्ट रूम और आधुनिक सुविधाओं से लैस। सीएम सैनी ने वकीलों के लिए नए चेंबर्स बनाने की घोषणा की।
गुरुग्राम : हरियाणा के गुरुग्राम के न्यायिक इतिहास में रविवार को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया. भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने अत्याधुनिक 'टावर ऑफ जस्टिस' का लोकार्पण कर इसे गुरुग्राम की जनता को समर्पित कर दिया. इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीशों और सुप्रीम कोर्ट के कई न्यायाधीश उपस्थित रहे.
न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने की जरूरत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा और गुरुग्राम के लिए ऐतिहासिक एवं गौरव का दिन है. उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों को बेहतर और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में ये टावर ऑफ जस्टिस महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने भवन निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों का सम्मान भी किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ 'ईज ऑफ जस्टिस' भी उतना ही आवश्यक है. उन्होंने बताया कि इस आधुनिक भवन में 56 न्यायालय कक्ष बनाए गए हैं, जहां अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ न्यायिक कार्य किया जाएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से आने वाले निर्णय केवल कानून की व्याख्या ही नहीं करेंगे, बल्कि आम लोगों को प्रभावी और त्वरित न्याय भी दिलाएंगे.
वकीलों के लिए आधुनिक चेंबर्स बनाने की घोषणा : मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान गुरुग्राम बार एसोसिएशन की मांग को स्वीकार करते हुए वकीलों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए चेंबर्स बनाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि टावर ऑफ जस्टिस की तर्ज पर अधिवक्ताओं के लिए भी आधुनिक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
"मजबूत न्यायिक ढांचा जरूरी": मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जनवरी 2017 में इस परियोजना का भूमि पूजन किया था और आज इसका लोकार्पण होना उनके लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि न्यायिक आधारभूत संरचना में ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि देश की फॉर्च्यून-500 कंपनियों में से अधिकांश के कॉर्पोरेट कार्यालय गुरुग्राम में स्थित हैं. तेजी से बढ़ती व्यावसायिक और कॉर्पोरेट गतिविधियों के कारण यहां न्यायिक मामलों की संख्या भी बढ़ रही है. ऐसे में न्यायिक आधारभूत संरचना का विस्तार बेहद आवश्यक था.
"महिलाओं और बच्चों की सुविधाओं पर विशेष जोर": सीजेआई ने बताया कि नए न्यायिक परिसर में महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें लेडीज बार रूम भी शामिल है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परिसर में बच्चों के लिए प्ले एरिया विकसित करने का सुझाव भी दिया. उन्होंने कहा कि भवन का निर्माण आधुनिक तकनीक और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया है.
तावडू और पुन्हाना को भी मिली सौगात : मुख्य न्यायाधीश ने उम्मीद जताई कि गुरुग्राम बार एसोसिएशन के सहयोग से लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा. इस अवसर पर उन्होंने नूंह जिले के तावडू और पुन्हाना में नए न्यायिक परिसरों की आधारशिला भी रखी और क्षेत्र के लोगों को बधाई दी. साथ ही उन्होंने हाई कोर्ट से इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की व्यवस्था को आगे बढ़ाने की अपील भी की.