Municipal Corporation Gurugram Action: लापरवाही बरतने पर जेई मनोज निलंबित, निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
गुरुग्राम: शुक्रवार दोपहर हुई बारिश के बाद गुरुग्राम के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली. सेक्टर-31 से सेक्टर-40 जाने वाली सड़क पर भी जलभराव के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं, बारिश के बाद इफको चौक और दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और कई जगह जाम की स्थिति बन गई.
दिल्ली के शिव मूर्ति के पास भारी जलभराव: मूसलाधार बारिश के बाद शिव मूर्ति के पास भारी जलभराव हो गया. इसके चलते गुरुग्राम से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों का दबाव बढ़ गया. जलभराव के कारण दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई.
गुरुग्राम बॉर्डर से महिपालपुर तक लगा जाम: शिव मूर्ति के पास जलभराव का असर गुरुग्राम-दिल्ली ट्रैफिक पर भी दिखाई दिया. गुरुग्राम बॉर्डर से लेकर दिल्ली के महिपालपुर तक कई हिस्सों में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. इफको चौक के आसपास भी वाहनों की रफ्तार धीमी रही.
ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी: बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी जारी की. पुलिस ने वाहन चालकों से इफको चौक से यू-टर्न लेकर एमजी रोड के रास्ते आया नगर बॉर्डर होते हुए दिल्ली की ओर जाने की अपील की.
एयरपोर्ट जाने वालों को वैकल्पिक रास्ते की सलाह: दिल्ली एयरपोर्ट जाने वाले वाहन चालकों को ट्रैफिक पुलिस ने द्वारका एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने की सलाह दी है. पुलिस के मुताबिक, वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने से वाहन चालकों को जाम से बचने में मदद मिलेगी और ट्रैफिक को भी सुचारू रखने में आसानी होगी.
गुरुग्राम के जूनियर इंजीनियर मनोज निलंबित: शुक्रवार को बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने में लापरवाही बरतने के आरोप में नगर निगम गुरुग्राम के जूनियर इंजीनियर मनोज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. जेई मनोज की तैनाती वार्ड नंबर-14 में थी और उन्हें जलभराव की स्थिति की निगरानी के साथ-साथ आवश्यक मशीनरी, कर्मचारियों और डी-वाटरिंग व्यवस्था की समय पर तैनाती सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई थी.
बारिश के दौरान मोबाइल फोन मिला बंद: निगमायुक्त प्रदीप दहिया की ओर से जारी निलंबन आदेश के अनुसार, बारिश और जलभराव के दौरान जेई मनोज का मोबाइल फोन बंद मिला. इस दौरान उनसे किसी तरह की प्रतिक्रिया या सहायता भी प्राप्त नहीं हो सकी. आपात स्थिति में अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाने को गंभीर लापरवाही माना गया.
बिना अनुमति स्टेशन छोड़ने का भी आरोप: आदेश में यह भी कहा गया है कि जेई मनोज ने बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय/स्टेशन छोड़ा. जलभराव जैसी आपात स्थिति के दौरान फील्ड में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करना उनकी जिम्मेदारी थी. ऐसे समय पर उनकी अनुपस्थिति से राहत और डी-वाटरिंग संबंधी कार्य प्रभावित होने की बात सामने आई.
विभागीय जांच तक निलंबन: निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने हरियाणा सिविल सर्विसेज (पनिशमेंट एंड अपील) रूल्स, 2016 के तहत विभागीय कार्यवाही लंबित रहने तक जेई मनोज को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नगर परिषद सोहना के कार्यकारी अधिकारी का कार्यालय निर्धारित किया गया है. उन्हें तत्काल वहां रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं.
'आपात स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं': निगमायुक्त ने स्पष्ट किया है कि "बारिश और जलभराव जैसी आपात परिस्थितियों में ड्यूटी के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी."